अनुच्छेद-370 के हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों में भारी कमी आई है। इसके बाद अमन बहाली और हाल ही में दिल्ली में हुई सर्वदलीय बैठक के बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। सुरक्षाबलों की सतर्कता के चलते वह आतंकियों को पूर्व की तरह मदद नहीं कर पा रहा है। इसके लिए वह ड्रोन का सहारा ले रहा है। साथ ही घाटी के कई जिलों में हाइब्रिड आतंकियों द्वारा हमलों को अंजाम देने की साजिश रच रहा है।
तो इसलिए बढ़े हमले!: अमन के दुश्मन बने हाइब्रिड आतंकी और पाकिस्तान, सर्वदलीय बैठक से भी बौखलाहट
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एक अधिकारी ने बताया कि आतंकी संगठनों ने एक नया ट्रेंड शुरू कर दिया है। हताश आतंकी नेक्सस अपनी मोडस ऑपरेंडी(काम करने के ढंग) में बदलाव ला रहे है। आतंकी खेमों में मायूसी दिख रही है। इसलिए अब सॉफ्ट टारगेट्स को निशाना बनाने के लिए पिस्टल आधारित टारगेटिंग को प्राथमिकता दी जा रही है। इसमें व्यवसायी, अल्पसंख्यक व्यवसायी सहित कार्यकर्ता, बिना सुरक्षा वाले राजनीतिक नेता और ऑफ ड्यूटी पुलिसकर्मी शामिल हैं।
उधर, पाकिस्तान पिछले दो साल से ड्रोन भेजकर लगातार अंतरराष्ट्रीय सीमा(आईबी) और नियंत्रण रेखा(एलओसी) पर नापाक साजिशें रच रहा है। सीमा पार से हथियारों और नशे की खेप की तस्करी के साथ ही बॉर्डर से लगे सुरक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी भी करवाई जा रही है। हाई सिक्योरिटी जोन में स्थित जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर हमले के बाद यह शक और गहरा रहा है।
आगे की स्लाइड में पढ़िए- हाल के दिनों में हुईं आतंकी घटनाएं
27 जूनः जम्मू-कश्मीर के अवंतीपोरा के हरिपरिगाम इलाके में आतंकियों ने पूर्व एसपीओ फैयाज अहमद, उनकी पत्नी और बेटी की गोली मारकर हत्या कर दी। एसपीओ की मौके पर ही मौत हो गई। इस हमले में उनकी बेटी और पत्नी को भी गोली लगी थी जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान पत्नी की देर रात और बेटी की सोमवार सुबह मौत हो गई।
25 जून : श्रीनगर में डाउनटाउन इलाके हब्बाकदल में आतंकियों ने एक 25 साल के दुकानदार उमर अहमद पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं और उसे मौत के घाट उतार दिया। दो शख्स उसकी दुकान के बाहर आए और उसपर पिस्तौल फायर किए।