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जम्मू एयरपोर्ट ड्रोन हमला: पढ़िए इस घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें, सामने आई यह सच्चाई
Sun, 27 Jun 2021 10:08 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Sun, 27 Jun 2021 10:08 PM IST
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जम्मू एयपरोर्ट पर धमाके से संबंधित तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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देश में पहली बार ड्रोन से हमला करते हुए आतंकियों ने हाई सिक्योरिटी वाले जम्मू एयरफोर्स स्टेशन को निशाना बनाया। शनिवार आधी रात को हाई सिक्योरिटी वाले एयरफोर्स स्टेशन में दो धमाके हुए। हमले में एयरफोर्स स्टेशन की एक इमारत की छत में सुराख हो गया। दो जवान मामूली रूप से जख्मी हुए हैं। आतंकियों का निशाना तकनीकी एयरपोर्ट में खड़े विमान थे। हमले के बाद उधमपुर समेत सभी एयरफोर्स स्टेशनों की सुरक्षा बढ़ा दी गई। पूरे प्रदेश में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। एयरफोर्स के साथ एनआईए ने भी इस हमले की जांच शुरू कर दी है। दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी भी जम्मू पहुंच गए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह खुद पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। रक्षा मंत्री ने उप वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल एचएस अरोड़ा से फोन पर बात कर घटना की जानकारी ली है। एयरफोर्स स्टेशन में शनिवार देर रात आतंकियों ने पांच मिनट के भीतर दो धमाके किए गए। एक धमाका खुले मैदान में तो दूसरा एक इमारत की छत पर हुआ। धमाके में इमारत की छत पूूरी तरह उखड़ गई। दोनों धमाके जीपीएस रहित ड्रोन से किए गए।
जम्मू एयपरोर्ट पर धमाके से संबंधित तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
ड्रोन में आईईडी फिट करके इसे रिमोट से ऑपरेट कर हमले किए गए। शनिवार रात पहला धमाका 1 बजकर 37 मिनट पर हुआ। ठीक पांच मिनट के बाद इमारत के पास ही खुले में दूसरा धमाका 1 बजकर 42 मिनट पर हुआ। हमले के बाद अफरा-तफरी मच गई। एयरफोर्स का कहना है कि धमाके कम तीव्रता और क्षमता वाले थे। इसमें एक छत को नुकसान हुआ है, जबकि किसी तरह के यंत्र को नुकसान नहीं पहुंचा है। सैन्य प्रवक्ता ने दो जवानों के मामूली रूप से घायल होने की पुष्टि की है। यह भी बताया गया है कि हमले में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है।
जम्मू एयपरोर्ट पर धमाके से संबंधित तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि, हमले में इस्तेमाल किए गए ड्रोन का कोई पता नहीं लगा है। न ही यह मौके से बरामद हुआ। यूएपीए के तहत मुकदमा कायम कर लिया गया है। हमले के बाद रविवार सुबह एनआईए, एनएसजी कमांडो, एसएसएफ, एयरफोर्स की विशेष टीमों ने घटनास्थल का दौरा किया और जांच शुरू कर दी। जरूरी सबूत जुटाए। सूत्रों का कहना है कि इस हमले में दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। हमले के बाद सेना और पुलिस ने मिलकर एयरफोर्स स्टेशन के भीतर और इसके आसपास सर्च आपरेशन भी चलाया।
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जम्मू एयपरोर्ट पर धमाके से संबंधित तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
बॉर्डर से 10 किलोमीटर दूर है एयरपोर्ट
जम्मू का एयरपोर्ट और एयरफोर्स स्टेशन भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 10 किलोमीटर दूर है। सबसे नजदीक मकवाल बॉर्डर लगता है। लेकिन सेना का मानना है कि बॉर्डर से इतनी दूर तक ड्रोन का आना संभव नहीं। संभवत: इसे एयरफोर्स स्टेशन के आसपास से ऑपरेट किया गया हो। सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद का कहना है कि दो धमाके हुए हैं। ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है। ड्रोन का बॉर्डर से आना संभव नहीं, क्योंकि बॉर्डर काफी दूर है।
जम्मू का एयरपोर्ट और एयरफोर्स स्टेशन भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 10 किलोमीटर दूर है। सबसे नजदीक मकवाल बॉर्डर लगता है। लेकिन सेना का मानना है कि बॉर्डर से इतनी दूर तक ड्रोन का आना संभव नहीं। संभवत: इसे एयरफोर्स स्टेशन के आसपास से ऑपरेट किया गया हो। सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद का कहना है कि दो धमाके हुए हैं। ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है। ड्रोन का बॉर्डर से आना संभव नहीं, क्योंकि बॉर्डर काफी दूर है।
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जम्मू एयपरोर्ट पर धमाके से संबंधित तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
पेलोड के साथ ड्रोन का इस्तेमाल
हमले में पेलोड के साथ ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है। ड्रोन के जरिये विस्फोटक सामग्री गिराई गई। मामले की जांच एनआईए कर रही है। - दिलबाग सिंह, डीजीपी, जेएंडके
हमले में पेलोड के साथ ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है। ड्रोन के जरिये विस्फोटक सामग्री गिराई गई। मामले की जांच एनआईए कर रही है। - दिलबाग सिंह, डीजीपी, जेएंडके