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अलगाववाद के गाल पर कश्मीर की बेटियों ने जड़ा करारा तमाचा

Wed, 16 Nov 2016 12:06 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू Updated Wed, 16 Nov 2016 12:06 PM IST
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TIGHT SLAP ON SEPRATISM BY THE STUDENTS OF KASHMIR
KASHMIR - फोटो : PTI
कश्मीर घाटी की तस्वीर बदलने लगी है। अलगाववादियों और उपद्रवियों द्वारा पत्थरबाजी के लिए इस्तेमाल किए जाते रहे बच्चे अब परीक्षा कक्षों की ओर मुखातिब हैं। बच्चों ने अपनी बदनाम छवि को धत्ता बता दिया है। हिंसा के कारण स्कूल चार महीनों तक बंद रहे। उपद्रवियों ने कई स्कूल जला दिए। पर बावजूद इसके तालीम हासिल करने के जज्बे को कुचला नहीं जा सका। 

 
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KASHMIR - फोटो : PTI
परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने को परीक्षार्थियों को वाहन नहीं मिल रहे। पर इससे भी उनका जोश कम नहीं हुआ और 99 फीसदी बच्चे परीक्षा देने पहुंच रहे हैं। यह अब तक का रिकार्ड है। तुलनात्मक दृष्टि से अमन के माहौल के दौरान भी परीक्षाओं में ऐसी भागीदारी नहीं रही है। 
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KASHMIR - फोटो : PTI
12वीं की परीक्षाओं में 94.53 फीसदी की उपस्थिति के रिकार्ड को 10वीं के परीक्षार्थियों ने तोड़ दिया। 10वीं की परीक्षाओं में 99 फीसदी से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हुए। आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद सबसे अशांत रहे दक्षिणी कश्मीर में बच्चों का उत्साह सबसे अधिक है। 12वीं में अनंतनाग में सबसे अधिक 96.8 प्रतिशत बच्चे परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं। 
 
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KASHMIR - फोटो : PTI

मंगलवार को शुरू हुई दसवीं की परीक्षाओं में इस जिले से बच्चों की भागीदारी 98.64 फीसदी है। बच्चों ने अपने आने वाले कल के मद्देनजर अलगाववादियों की अपीलें खारिज कर दीं हैं।  दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं में 86000 से अधिक बच्चे शामिल हो रहे हैं। इस तरह घाटी में लगभग एक लाख परिवारों में पठन-पाठन का माहौल है। बच्चों के भविष्य की खातिर उनके अभिभावकों ने भी अब अलगाववादियों के हड़ताल कैलेंडरों को फाड़ना शुरू कर दिया है। घाटी में स्थिति सामान्य बनाने में परीक्षाएं अहम भूमिका निभा रहीं हैं। 

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KASHMIR - फोटो : PTI
अलगाववादियों और सभी विपक्षी दलों ने परीक्षाएं स्थगित करने के लिए सरकार पर दबाव बनाया था। पढ़ाई नहीं होने के तर्क पर सरकार ने प्रश्नपत्रों के लिए कोर्स को 50 प्रतिशत घटाकर रियायत तो दी लेकिन परीक्षाएं स्थगित नहीं कीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह और गवर्नर एनएन वोहरा से बातचीत कर हर हाल में परीक्षाएं समय पर आयोजित करने की सलाह दी थी। 
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