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रमजान के पाक महीने में कागज पर नाखूनों से उकेर कर लिखी हजार साल पुरानी कुरान का करें दीदार

Mon, 11 Jun 2018 03:09 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर Updated Mon, 11 Jun 2018 03:09 PM IST
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Thousand year old Quran show in Exhibition at TRC conference hall in Srinagar

कश्मीर में इन दिनों कागज पर नाखूनों से उकेर कर लिखी गई हजार साल पुरानी कुरान कौतुहल का केन्द्र बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार इसे कागज पर नाखून से उकेर कर लिखा गया है। इसकी लिखाई इतनी बारीक है कि पढ़ने के लिए मैग्निफाइंग ग्लास की जरूरत पड़ती है। इनमें से एक कुरान करीब 800 साल जबकि दूसरा करीब 1000 वर्ष से भी अधिक पुराना है। श्रीनगर में टीआरसी का कांफ्रेंस हाल इन दिनों हजार साल पहले की यात्रा करा रहा है। तब कागज पर हाथों से उकेरी गई कुरान और अन्य साहित्य आज यहां प्रदर्शनी में रखे गए हैं। लोग हैरत में है कि तब इन्हें कितनी मेहनत से लिखा गया होगा। पंजतीर्थी जम्मू के रहने वाले सुरेश अबरोल ने अपने पूर्वजों द्वारा जुटाए गए इस नायाब तोहफे को आज तक शिद्दत से संभाल कर रखा है।

Thousand year old Quran show in Exhibition at TRC conference hall in Srinagar
Quran
प्रदर्शनी में इस्लाम धर्म से जुड़े साहित्य और कुरान जैसे धार्मिक ग्रंथों को रखा गया है जो सदियों पुराने हैं। इस नायाब खजाने में रखा गया साहित्य हस्त लिखित है। अबरोल ने बताया कि उनके पास केवल इस्लाम धर्म का ही नहीं, बल्कि सिख और हिन्दू धर्म से जुड़ी भी कुछ नायाब चीजें हैं।  प्रदर्शनी के इंचार्ज अशरफ टाक ने बताया कि यह जो कुरनिक मेनूस्क्र्तिप्ट्स की जो प्रदर्शनी लगाई गई है उसमें करीब एक हजार साल पुराने हस्तलेख भी हैं। इनमें से कश्मीर का सबसे पुराना हस्तलेख करीब 900 साल पुराना है, जिसे ‘नुस्का-ए-फतेहुल्लाह’ के नाम से जाना जाता है। टाक ने बताया कि यह बहुत ही विरला अवसर है जिसे लोगों के सामने पेश किया गया है।

 
Thousand year old Quran show in Exhibition at TRC conference hall in Srinagar
Quran

राजा हरि सिंह के महल से जुड़े थे संग्रहकर्ता
सुरेश अबरोल ने बताया कि उनके दादा लाला रेखी राम महाराजा हरि सिंह के ज्वेलरी विंग की देखरेख करते थे। वहां से उनका ऐसी चीजें जुटाने का शौक पैदा हुआ होगा।  अबरोल ने बताया कि पीढ़ी दर पीढ़ी (करीब 90 साल से) इसकी देखरेख हमारा परिवार कर रहा है। हमने सोचा है कि हम कुछ ऐसी वसीयत करेंगे जिससे कि वो इस नायाब खजाने को बेच न सके। काफी मेहनत और विशेषज्ञों की सलाह के साथ इनकी संभाल कर रहे हैं।

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Thousand year old Quran show in Exhibition at TRC conference hall in Srinagar
Quran

 घर में बना लिया संग्रहालय
सुरेश के अनुसार उनके पास ऐसी नायाब चीजों का एक बड़ा खजाना है। इसे उन्होंने अपने पंजतीर्थी जम्मू स्थित घर में बनाए संग्रहालय में सजा रखा है। ऐसा पहली बार हुआ है कि इन कुरानों को जम्मू से बाहर प्रदर्शनी में रखा गया हो। उनके पास मौजूद खजाने में बसोहली स्कूल की रागमाला की पेंटिंग सीरीज, मां रागिनी की सीरीज, कांगड़ा स्कूल की गुरु नानक देव  की साखियों की 2 सीरीज (करीब 200 पेंटिंग), 350 के करीब मिक्स मिनिएचर, 5000 के करीब मेन्युस्क्र्तिप्ट्स (संस्कृत, शारदा, फारसी) आदि जैसी चीजें मौजूद हैं।

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