{"_id":"5bd8c431bdec227eda030fb9","slug":"spinal-stroke-is-curable-know-what-are-its-symptoms","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"अब लाइलाज नहीं रहा स्पाइनल स्ट्रोक, जानिए इससे बचनें के उपाय और लक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब लाइलाज नहीं रहा स्पाइनल स्ट्रोक, जानिए इससे बचनें के उपाय और लक्षण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Wed, 31 Oct 2018 02:20 AM IST
विज्ञापन
spine pain
स्पाइनल स्ट्रोक, ब्रेन स्ट्रोक से अलग होता है। ब्रेन स्ट्रोक मस्तिष्क को प्रभावित करता है और मस्तिष्क की ओर रक्त का प्रवाह बंद हो जाता है। जब स्ट्रोक, स्पाइनल कार्ड को प्रभावित करता है, तो उसे स्पाइनल स्ट्रोक कहते हैं, स्पाइनल कार्ड, सेंट्रल नर्वस सिस्टम (सीएनएस) का भाग है, जिसमें मस्तिष्क भी सम्मिलित है। स्पाइनल स्ट्रोक्स, ब्रेन स्ट्रोक से कम होते हैं। ये कुल स्ट्रोक्स में से केवल दो प्रतिशत होते हैं। स्पाइनल स्ट्रोक के कारण नर्व इम्पल्स (संदेश) भेजने में परेशानी होती हैं। ये नर्व इम्पल्स, शरीर की गतिविधियों, जैसे हाथों और पैरों को हिलाना और अंगों के ठीक प्रकार से कार्य करने को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण हैं। यह बात मैक्स सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जरी विभाग के असोसिएट डायरेक्टर डॉ. मनीष वैश्य ने बताई।
SPINE
स्पाइनल स्ट्रोक्स के लक्षण
स्पाइनल स्ट्रोक्स के लक्षण इसपर निर्भर करते हैं कि स्पाइनल कार्ड का कौन सा भाग प्रभावित हुआ है और स्पाइनल कार्ड को कितनी क्षति पहुंची है। अधिकतर मामलों में लक्षण अचानक दिखाई देते हैं, लेकिन कईं मामलों में ये लक्षण स्ट्रोक आने के कईं घंटों बाद भी दिखाई दे सकते हैं। लक्षणों में सम्मिलित है:
-अचानक और गंभीर गर्दन या कमर दर्द।
-पैरों की मांसपेशियां कमजोर हो जाना।
-बॉउल और ब्लैडर को नियंत्रित करने में परेशानी होना।
-मांसपेशियों में ऐंठन।
-सुन्नपन।
-हाथों और पैरों में झुनझुनी महसूस होना।
-लकवा मार जाना।
-गर्म या ठंडा न महसूस कर पाना।
स्पाइनल स्ट्रोक्स के लक्षण इसपर निर्भर करते हैं कि स्पाइनल कार्ड का कौन सा भाग प्रभावित हुआ है और स्पाइनल कार्ड को कितनी क्षति पहुंची है। अधिकतर मामलों में लक्षण अचानक दिखाई देते हैं, लेकिन कईं मामलों में ये लक्षण स्ट्रोक आने के कईं घंटों बाद भी दिखाई दे सकते हैं। लक्षणों में सम्मिलित है:
-अचानक और गंभीर गर्दन या कमर दर्द।
-पैरों की मांसपेशियां कमजोर हो जाना।
-बॉउल और ब्लैडर को नियंत्रित करने में परेशानी होना।
-मांसपेशियों में ऐंठन।
-सुन्नपन।
-हाथों और पैरों में झुनझुनी महसूस होना।
-लकवा मार जाना।
-गर्म या ठंडा न महसूस कर पाना।
blood pressure
स्पाइनल स्ट्रोक के कारण
स्पाइन को रक्त की आपूर्ति में रूकावट के कारण स्पाइनल स्ट्रोक आता है। अधिकतर समय, यह धमनियों के संकरा होने के परिणामस्वरूप होता है जो स्पाइनल कार्ड को रक्त की आपूर्ति करते हैं। धमनियां निम्न कारणों से संकरी या कमजोर हो जाती हैं:
-उच्च रक्तदाब।
-कोलेस्ट्रॉल का उच्च स्तर।
-हृदय रोग।
-डायबिटीज।
-जो लोग धुम्रपान करते हैं, शराब का अधिक मात्रा में सेवन करते हैं, नियमित रूप से एक्सरसाइज नहीं करते हैं, उन्हें भी इसका अधिक खतरा होता है।
स्पाइन को रक्त की आपूर्ति में रूकावट के कारण स्पाइनल स्ट्रोक आता है। अधिकतर समय, यह धमनियों के संकरा होने के परिणामस्वरूप होता है जो स्पाइनल कार्ड को रक्त की आपूर्ति करते हैं। धमनियां निम्न कारणों से संकरी या कमजोर हो जाती हैं:
-उच्च रक्तदाब।
-कोलेस्ट्रॉल का उच्च स्तर।
-हृदय रोग।
-डायबिटीज।
-जो लोग धुम्रपान करते हैं, शराब का अधिक मात्रा में सेवन करते हैं, नियमित रूप से एक्सरसाइज नहीं करते हैं, उन्हें भी इसका अधिक खतरा होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
SPINE
इन स्थितियों के कारण भी स्पाइनल स्ट्रोक हो सकता है।
-स्पाइन में ट्यूमर हो जाना।
-स्पाइन में चोट लग जाना।
-स्पाइनल कार्ड दब जाना।
-पेट या हृदय की सर्जरी
-स्पाइन में ट्यूमर हो जाना।
-स्पाइन में चोट लग जाना।
-स्पाइनल कार्ड दब जाना।
-पेट या हृदय की सर्जरी
विज्ञापन
back pain
स्पाइनल स्ट्रोक के कारण होने वाली जटिलताएं
स्पाइनल स्ट्रोक के कारण होने वाली जटिलताएं इसपर निर्भर करती हैं कि मस्तिष्क का कौनसा भाग प्रभावित हुआ है। उदाहरण के लिए, अगर स्पाइनल कार्ड के आगे के भाग को रक्त की आपूर्ति कम हुई है, तो आपके पैर स्थायी रूप से लकवाग्रस्त हो जाएंगे। दूसरी जटिलताओं में सम्मिलित हैं:
-सांस लेने में कठिनाई होना
-स्थायी रूप से लकवाग्रस्त हो जाना
-बॉउल और ब्लैडर पर नियंत्रण न रहना
-शारीरिक संबंध बनाने में परेशानी होना
-मांसपेशियों में कमजोरी आना और उनका लचीलापन प्रभावित होना
-अवसाद
स्पाइनल स्ट्रोक के कारण होने वाली जटिलताएं इसपर निर्भर करती हैं कि मस्तिष्क का कौनसा भाग प्रभावित हुआ है। उदाहरण के लिए, अगर स्पाइनल कार्ड के आगे के भाग को रक्त की आपूर्ति कम हुई है, तो आपके पैर स्थायी रूप से लकवाग्रस्त हो जाएंगे। दूसरी जटिलताओं में सम्मिलित हैं:
-सांस लेने में कठिनाई होना
-स्थायी रूप से लकवाग्रस्त हो जाना
-बॉउल और ब्लैडर पर नियंत्रण न रहना
-शारीरिक संबंध बनाने में परेशानी होना
-मांसपेशियों में कमजोरी आना और उनका लचीलापन प्रभावित होना
-अवसाद