सुरक्षाबलों को संदेह है कि घाटी में स्टिकी बम आ चुके हैं। इसी आशंका के चलते मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को नए सिरे से तैयार करना शुरू कर दिया गया है। सुरक्षाबलों ने आम जनता को सलाह दी है कि वे अपने वाहनों को लावारिस न छोड़ें। यह जानकारी अधिकारियों ने रविवार को दी। बता दें कि जम्मू-कश्मीर के सांबा में पिछले महीने आईबी पर मिली 14 आईईडी में मैगनेट लगाया गया था ताकि इनको वाहनों के साथ चिपका दिया जाए और जब चाहे टाइमर लगाकर रिमोट से विस्फोट कर दिया जाए। इन्हें स्टिकी बम कहा जाता है और दहशतगर्दों की यह तकनीक जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के नए आगाज का संकेत है। जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए खतरे की घंटी है और एक बड़ी चुनौती भी।
आतंकियों की नई साजिश ‘स्टिकी बम': सुरक्षाबलों की इस सलाह को भूलकर भी नजरअंदाज न करें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sun, 07 Mar 2021 06:19 PM IST
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