जम्मू रेलवे स्टेशन और इसके आसपास के क्षेत्र में शुक्रवार को रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल ने तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान यहां मौजूद तमाम टैक्सियों, आने-जाने वाले वाहनों की जांच के साथ सामान को खंगाला गया। डाग स्क्वॉर्ड और मेटल डिटेक्टर से स्टेशन व इसके आसपास के क्षेत्र में भी तलाशी की गई। रेलवे स्टेशन में प्रवेश करने वाले वाहन चालकों को भी कड़ी जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया।
J&K: विस्फोटक जखीरा मिलने के बाद अलर्ट, जम्मू रेलवे स्टेशन पर चलाया तलाशी अभियान, 2004 में भी हुआ था हमला
जम्मू रेलवे स्टेशन और इसके आसपास के क्षेत्र में शुक्रवार को रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल ने तलाशी अभियान चलाया।
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आईईडी बनाकर हमले की आशंका
पुलिस का कहना है कि बैग में मिले विस्फोटक से एक आईईडी तैयार की जा सकती है। संभव है कि इसको इसीलिए रखा गया था। जेलेटिन वैक्स विस्फोटक के साथ तारों के माध्यम से डेटोनेटर लगाकर धमाका किया जा सकता है। संभव है कि इस विस्फोटक के जरिये रेलवे स्टेशन को उड़ाया जाना था, क्योंकि टैक्सी स्टैंड पर हमेशा ही 200 टैक्सियां लगी रहती हैं। ऐसे में एक बड़ी आतंकी साजिश को अंजाम दिया जाना था।
पहले भी रेलवे स्टेशन पर हो चुका है हमला
बता दें कि जम्मू रेलवे स्टेशन पर दो जनवरी, 2004 को आतंकी हमला हो चुका है। उस समय सेना के लेफ्टिनेंट त्रिवेणी सिंह आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। इस हमले में छुट्टी पर जा रहे बीएसएफ के दो जवान, एक हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल की भी जान चली गई थी, जबकि बच्चों समेत 14 लोग घायल हुए थे। जवाबी कार्रवाई में दो आतंकी मारे गए थे। ये आतंकी रेलवे स्टेशन पर सेना की वर्दी में घुसे थे और घुसते ही इन लोगों ने हमला कर दिया। इस पूरे ऑपरेशन को सेना के लेफ्टिनेंट त्रिवेणी सिंह ने लीड किया था।
स्टेशन के प्लेटफार्म पर भी सुरक्षा कड़ी
जम्मू रेलवे स्टेशन पर विस्फोटक मिलने से हड़कंप मच गया है। स्टेशन से रोज 26 से 28 ट्रेनों का संचालन होता है। इनसे करीब 40 हजार यात्री आते-जाते हैं। ऐसे में रेलवे स्टेशन पर इस तरह विस्फोटक मिलना एक बड़े खतरे की घंटी है। यदि यह विस्फोटक स्टेशन के भीतर पहुंच गया होता तो संभव है कि इसे स्टेशन पर कहीं भी पहुंचाया जा सकता था। लिहाजा स्टेशन पर आने-जाने वाली ट्रेनों की भी चेकिंग बढ़ा दी गई है।