फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

देश को झकझोर देने वाला पुलवामा हमला, नौ महीने बाद सामने आए कई अहम तथ्य

Sat, 21 Dec 2019 12:09 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Sat, 21 Dec 2019 12:09 PM IST
विज्ञापन
Pulwama attack challan of inquiry could not be submitted even after nine months
पुलवामा आतंकी हमला - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो

देश को हिला कर रख देने वाले पुलवामा हमले की जांच का चालान नौ महीनों के बाद भी पेश नहीं हो सका है। बेशक इस हमले को अंजाम देने वाले लगभग सभी बड़े आरोपी मारे जा चुके हैं। दो मुख्य आतंकी मुदसर खान और सज्जाद भट्ट भी इसी साल मारे जा चुके हैं। इस हमले की जांच एनआईए को दी गई थी। सूत्रों की अनुसार जल्द ही एनआईए इस मामले को लेकर चालान पेश कर सकती है।



 

Pulwama attack challan of inquiry could not be submitted even after nine months
पुलवामा आतंकी हमला - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो

बता दें कि 14 फरवरी को फिदायीन आतंकी आदिल अहमद डार ने पुलवामा में सीआरपीएफ के वाहन के साथ अपनी कार को टक्कर मार दी। कार में भारी मात्रा में विस्फोटक था। इसमें 44 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी जैश ए मोहम्मद ने ली थी। इस हमले में शामिल लगभग सभी आतंकी मारे जा चुके हैं।

 

Pulwama attack challan of inquiry could not be submitted even after nine months
पुलवामा आतंकी हमला - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो

इस वजह से अब तक पूरी तरह से यह पता नहीं चल पा रहा है कि इस हमले की सही जानकारी क्या थी। इस हमले की रूपरेखा तो पता चल चुकी है लेकिन व्यक्तिगत तौर पर किस शख्स का क्या रोल था, यह अब तक समझ में नहीं आ रहा।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Pulwama attack challan of inquiry could not be submitted even after nine months
पुलवामा आतंकी हमला - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो

सूत्रों का कहना है कि मामले की जांच कर रही एनआईए ने इस हमले में कई लोगों की पहचान की है। सात से आठ लोगों की पहचान हो चुकी है। इस हमले में पाकिस्तान और पाकिस्तान में पलने वाले आतंकियों की भूमिका को लेकर एनआईए काम कर रही है। ताकि पाकिस्तान का चेहरा सबके सामने एक बार फिर से लाया जा सके।

 

विज्ञापन
Pulwama attack challan of inquiry could not be submitted even after nine months
पुलवामा आतंकी हमला - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो

इसी तरह से 2016 में पठानकोट में हमला करने वाले चारों आतंकी मारे गए थे। कई महीनों के बाद मामले की जांच में चार्जशीट पेश की गई। जिसमें जैश के एक सरगना मसूद अजहर सहित तीन को मुख्य आरोपी बनाया गया था। दरअसल, जांच एजेंसी को 90 दिन के भीतर चार्जशीट पेश करनी होती है। लेकिन मामले में यदि आरोपियों की मौत हो जाए तो अतिरिक्त वक्त मिलता है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed