नई आबकारी नीति के तहत जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के नाम पर बाहरी लोगों ने सौ से ज्यादा शराब के ठेके ले लिए हैं। यह आरोप वाइन ट्रेड एसोसिएशन ने लगाया है। एसोसिएशन ने कहा कि नई पॉलिसी के तहत जम्मू-कश्मीर से बाहर के प्रभावशाली लोगाें ने प्रदेश के नागरिकों के नाम पर पैसा लगाया है। विभाग ने आरोपों को सिरे से नकारा है। विभाग का कहना है कि नियम के तहत ही ठेके दिए गए हैं। वाइन ट्रेड एसोसिएशन के प्रधान चरणजीत सिंह का कहना है कि 125 शराब की दुकानें बाहर के लोगों को दी गई हैं।
शराब पर संग्राम: महिलाएं बोलीं- अगर ऐसा हुआ तो आत्मदाह करूंगी, वाइन ट्रेड एसोसिएशन का गंभीर आरोप
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विवाद बढ़ता देख पुलिस भी मौके पर पहुंची और अधिकारियों की मौजूदगी में दुकानदार ने दुकान में स्टॉक रखवाया। महिलाओं का कहना है कि वे अपने घर के पास शराब की दुकान नहीं खुलने देंगी। यहां पहले नान की दुकान थी, लेकिन अब शराब की दुकान खोल दी है।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि उनके घरों में बहू-बेटियां हैं। जब शराब की दुकान खुलेगी तो हर पल यहां पर नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहेगा। इससे उनके बच्चों पर भी बुरा असर पड़ेगा। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि दुकान खुलती है तो वे इसके सामने आत्मदाह कर लेंगी।
बता दें कि शहर के कई रिहायशी इलाकों में शराब की दुकानें खुल रही हैं, जिनका लोग विरोध कर रहे हैं। इससे पहले प्रेम नगर, न्यू प्लॉट और चौक चबूतरा में भी प्रदर्शन हो चुके हैं। नई आबकारी नीति के तहत कई नई लोकेशन पर दुकानें खुल रही हैं, जिसका विरोध किया जा रहा है।
जम्मू वेेस्ट असेंबली मूवमेंट ने मंडलायुक्त राघव लंगर से रिहायशी इलाकों में शराब की दुकानें न खोलने की मांग उठाई है। बुधवार को मूवमेंट के अध्यक्ष सुनील डिंपल ने मंडलायुक्त से मुलाकात कर बताया कि वार्ड-26 में शराब की 60 दुकानें खुली हैं, जिनकी एनओसी संबंधित तहसीलदारों द्वारा दी गई है, जबकि इसका स्थानीय स्तर पर विरोध हो रहा है। विरोध के बावजूद कैसे एनओसी दी जा सकती है। मंडलायुक्त ने आश्वासन दिया कि इसे लेकर बात की जाएगी।