जम्मू संभाग के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को कोविड टीकाकरण का पंजीकरण करवाने में कई दिक्कतें पेश आ रही हैं। गांव के लोगों का पंजीकरण न होने की वजह दूरदराज इलाकों और सीमावर्ती क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क न होना है। कई ग्रामीणों के पास स्मार्टफोन भी नहीं हैं, जिससे वो पंजीकरण नहीं कर पा रहे हैं। अधिकतर लोगों को इस बारे में पूरी जानकारी भी नहीं है। कई बार स्लॉट भी खाली नहीं मिल रहे, जिससे पंजीकरण करवाने में दिक्कत आ रही है। मढ़ के निवासी दीपक पांडे, प्रदीप चौहान, विनोद कुुमार बिट्टू, सिद्धार्थ शर्मा, रंजीत सिंह चिब, संदीप जमवाल, जसवीर सिंह चिब, समाजसेवी तरसेम लाल शिंदा ने बताया कि 18 से 45 साल की आयु वर्ग के प्रदेश में करीब 65 लाख लोग हैं, इन सबका टीकाकरण शुरू हो गया है। लेकिन गांवों में बने टीकाकरण केंद्रों में ग्रामीणों से ज्यादा शहरी पहुंच रहे हैं। सरकार द्वारा 18 से ऊपर आयु वाले लोगों के लिए खोले गए टीकाकरण केंद्रों में एक दिन में ढाई सौ तक टीकाकरण हो रहा है। उनमें से ग्रामीण क्षेत्र के 30 से 40 लोग ही टीकाकरण करवाने में कामयाब हो रहे हैं, बाकी शहरी लोग ही पहुंच रहे हैं।
तो कैसे लगेगी वैक्सीन: सीमा से सटे इलाके के लोगों ने उठाए सवाल, बोले- शहरी उठा रहे फायदा
ग्रामीणों ने कहा कि टीकाकरण की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन तरीके से हो रही है, जिसके पास स्मार्टफोन नहीं है, उनका पंजीकरण कैसे होगा। इस वजह से ग्रामीण लोगों में मायूसी है। उक्त लोगों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में आबादी भी ज्यादा है और ज्यादातर लोग खेतीबाड़ी व पशुपालन पर ही निर्भर हैं और आगामी दिनों में धान की खेती भी शुरू होने वाली है, इसलिए गांवों के लोगों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता रहनी चाहिए।
शहर में रहने वाले लोगों का टीकाकरण शहर में ही हो और गांव में रहने वाले लोगों का टीकाकरण गांव के केंद्रों में ही हो, ताकि हर क्षेत्र में लोगों का एक समान टीकाकरण हो सके। साथ ही टीकाकरण केंद्रों में एकत्रित होने वाली भीड़ से संक्रमण फैलने का भी डर न रहे। - विजय शास्त्री, निवासी स्मैकपुर (मढ़)
जिन लोगों का पंजीकरण हुआ है। उनमें से कुछ लॉकडाउन की वजह से और कुछ लोग अपने पास कोई गाड़ी का साधन न होने के कारण भी टीकाकरण केंद्रों तक नहीं पहुंच पा रहे। सरकार की ओर से उन लोगों के लिए भी थोड़ी सुविधा मुहैया करवानी चाहिए। - घसीटा राम, सरपंच, मढ़ पंचायत
जिस तरह 45 से 60 वर्ष आयु वर्ग के लोगों का अस्पताल में सरकारी कर्मचारियों द्वारा पंजीकरण किया जा रहा है। उसी तरह 18 से 45 वर्ष तक के लोगों का भी पंजीकरण होना चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सभी को वैक्सीन मिल सके। - पवन सिंह सलाथिया, सरपंच, दोमाना लोअर पंचायत