जम्मू-कश्मीर में सोशल मीडिया पर सेना और अन्य सुरक्षाबलों के खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है। भारतीयों के नाम पर बनाए गए फेसबुक, ट्विटर के फर्जी अकाउंट से ऐसा किया जा रहा है। यह अकाउंट पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण राजोरी जिले का है।
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पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे हैं भारतीयों के नाम से फर्जी फेसबुक और ट्विटर अकाउंट
Mon, 04 Mar 2019 08:07 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Vikas Kumar
Updated Mon, 04 Mar 2019 08:07 PM IST
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जम्मू-कश्मीर में सोशल मीडिया पर सेना और अन्य सुरक्षाबलों के खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है। भारतीयों के नाम पर बनाए गए फेसबुक, ट्विटर के फर्जी अकाउंट से ऐसा किया जा रहा है। यह अकाउंट पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण राजोरी जिले का है।
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यहां किसी ने राजोरी के जिला अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट के नाम का फर्जी ट्विटर अकाउंट बनाया। इसमें लिखा कि अस्पताल में भारतीय सेना के कुछ जवानों के शव पड़े हुए हैं। इसी तरह के कई और अकाउंट हैं।
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दरअसल, राजोरी, जम्मू, सांबा जिलों में व्हाट्सऐप ग्रुपों पर देश विरोधी तत्व दुष्प्रचार कर रहे थे। कई लोग अफवाहें फैलाकर सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ रहे थे। इसके बाद पुलिस ने व्हाट्सऐप को लेकर जरूरी आदेश दिए। सख्ती के बाद अब शरारती तत्व दूसरी साइट पर सक्रिय हो गए हैं। हालांकि, अभी व्हाट्सऐप का भी पूरा डाटा इकट्ठा नहीं किया गया है।
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साइबर सेल जम्मू के इंचार्ज एसपी संदीप मेहता ने बताया कि सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट की मॉनीटरिंग सीआईडी विंग कर रहा है। ऐसा कोई मामला जब सामने आता है, तो पुलिस की जांच में हम उनकी मदद करते हैं।
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सेना का मनोबल गिराना है मकसद
सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट से सेना के बारे में दुष्प्रचार करने का मूल मकसद जवानों का मनोबल गिराना है। इन पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हैं। ऐसे अकाउंट की पड़ताल करने के लिए पुलिस के सीआईडी विंग को कमान दी गई हैं। सीआईडी मुख्यालय इस पर नजर बनाए है।
सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट से सेना के बारे में दुष्प्रचार करने का मूल मकसद जवानों का मनोबल गिराना है। इन पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हैं। ऐसे अकाउंट की पड़ताल करने के लिए पुलिस के सीआईडी विंग को कमान दी गई हैं। सीआईडी मुख्यालय इस पर नजर बनाए है।