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Jammu News: पीओके में मानवाधिकारों के हनन और गहराते शासन संकट पर मंथन
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परिचर्चा में पीओजेके पर वक्तव्य प्रस्तुत करतीं मुख्य वक्ता। विज्ञप्ति
- फोटो : Archive
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जम्मू विश्वविद्यालय में सेवा समिति के सहयोग से करवाई पैनन चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय के सामरिक एवं क्षेत्रीय अध्ययन विभाग ने पीओके विस्थापित सेवा समिति के सहयोग से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में मानवाधिकारों का हनन और गहराता शासन संकट विषय पर पैनल चर्चा करवाई। विश्वविद्यालय परिसर में कार्यक्रम में शिक्षाविदों, शोधार्थियों, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और विस्थापित समिति के सदस्यों ने पीओके के राजनीतिक और मानवाधिकार पहलुओं पर विचार-विमर्श किया।
सामाजिक विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता (डीन) प्रो. सुमन जम्वाल ने रणनीतिक और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण विषयों पर अकादमिक चर्चा की आवश्यकता पर जोर दिया। डीएसआरएस के वरिष्ठ सहायक प्रोफेसर डॉ. मोहम्मद मुनीर आलम ने पीओके मुद्दे को बहुविषयक अकादमिक दृष्टिकोण से समझने की बात कही। मुख्य वक्ताओं में हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर डॉ. श्रीया बक्षी ने गुलाम कश्मीर के ऐतिहासिक घटनाक्रम और वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डाला। सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. दीपक कपूर ने क्षेत्र के प्रशासनिक व राजनीतिक ढांचे की विस्तृत जानकारी साझा की। कार्यक्रम का समन्वय एमए रक्षा एवं सामरिक अध्ययन के छात्र ध्रुव शर्मा और सुमन ने किया। डॉ. गणेश मल्होत्रा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय के सामरिक एवं क्षेत्रीय अध्ययन विभाग ने पीओके विस्थापित सेवा समिति के सहयोग से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में मानवाधिकारों का हनन और गहराता शासन संकट विषय पर पैनल चर्चा करवाई। विश्वविद्यालय परिसर में कार्यक्रम में शिक्षाविदों, शोधार्थियों, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और विस्थापित समिति के सदस्यों ने पीओके के राजनीतिक और मानवाधिकार पहलुओं पर विचार-विमर्श किया।
सामाजिक विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता (डीन) प्रो. सुमन जम्वाल ने रणनीतिक और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण विषयों पर अकादमिक चर्चा की आवश्यकता पर जोर दिया। डीएसआरएस के वरिष्ठ सहायक प्रोफेसर डॉ. मोहम्मद मुनीर आलम ने पीओके मुद्दे को बहुविषयक अकादमिक दृष्टिकोण से समझने की बात कही। मुख्य वक्ताओं में हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर डॉ. श्रीया बक्षी ने गुलाम कश्मीर के ऐतिहासिक घटनाक्रम और वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डाला। सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. दीपक कपूर ने क्षेत्र के प्रशासनिक व राजनीतिक ढांचे की विस्तृत जानकारी साझा की। कार्यक्रम का समन्वय एमए रक्षा एवं सामरिक अध्ययन के छात्र ध्रुव शर्मा और सुमन ने किया। डॉ. गणेश मल्होत्रा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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