जैश के चार आतंकी चावलों की बोरियों से भरे ट्रक में छिप कर सांबा से 100 किलोमीटर सफर कर बन टोल प्लाजा तक पहुंच गए। बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि सांबा से बन टोल प्लाजा तक ट्रक कई नाकों से होकर गुजरा, पर कहीं भी चेकिंग नहीं हुई। इससे सुरक्षा व्यवस्था की भी पोल खुलकर सामने आई है।
बड़ा सवाल: 100 किमी का लंबा सफर, किसी ने नहीं की पूछताछ, सांबा से चारों आतंकवादी कैसे पहुंचे बन टोल प्लाजा तक
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हालांकि, पुलिस ने संभावना जताई है कि आतंकी सांबा सेक्टर से होकर टोल प्लाजा तक पहुंचे हैं। रूट का सही पता लगाने में सुरक्षा एजेंसियां जुट गई हैं। अगर बन टोल प्लाजा पर ट्रक की चेकिंग नहीं होती तो आतंकी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते थे। सांबा से लेकर जम्मू तक सुरक्षा का कड़ा घेरा है। यहां पर आने जाने वाले खासतौर पर ट्रकों पर पैनी नजर रखी जाती है। पुलिस भी दावा कर रही है कि डीडीसी चुनाव होने के कारण हमले की आशंका थी। ऐसे में नाकों में सख्ती की गई। आतंकियों को भागने का मौका तक नहीं दिया गया है।
मारे गए आतंकी चुनाव प्रभावित करने के लिए आ रहे थे घाटी: पुलिस
सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए चार आतंकवादी इस महीने होने वाले जिला विकास परिषद (डीडीसी) के चुनावों को प्रभावित करने के लिए कश्मीर घाटी की ओर जा रहे थे। पाकिस्तान हमारे राजनीतिक कामों में परेशानी पैदा करने की कोशिश कर रहा है।
कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार ने श्रीनगर में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से कहा कि पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तान ने इस तरफ आतंकियों की घुसपैठ कराने और आगामी चुनावों को बाधित करने की कोशिशें बढ़ा दी हैं। इसके लिए जम्मू पुलिस और सुरक्षाबलों ने चार पाकिस्तानी आतंकियों को धराशायी कर अच्छा काम किया है। उनका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए कश्मीर आना था। कहा कि हमें आशंका थी कि आतंकी चुनावों को प्रभावित करने के प्रयास में हैं, लेकिन सुरक्षा बल हालात से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार थे। उन्होंने कहा कि चाहे कोई चुनाव हो या 15 अगस्त या 26 जनवरी या यहां तक कि कोई महत्वपूर्ण व्यक्ति आ रहा हो, आतंकियों के हमले की आशंकाएं हमेशा बनी रहती हैं। लेकिन हम पूरी तरह से तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि हम उम्मीदवारों को सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने चुनाव प्रचार के लिए मैदान में जाना शुरू कर दिया है और डरने की कोई बात नहीं है। जब उनसे पूछा गया कि उम्मीदवार आरोप लगा रहे हैं कि उन्हें सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई है तो उन्होंने कहा कि प्रत्येक उम्मीदवार को सुरक्षा प्रदान करना मुश्किल है। हम उन्हें सामूहिक सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं और उन्हें सुरक्षित क्षेत्रों में रखा जा रहा है। जब भी कोई उम्मीदवार चुनाव प्रचार के लिए बाहर जाता है तो हम उसके साथ दोहरी सुरक्षा प्रदान करते हैं। उसके प्रचार के लिए क्षेत्र को सुरक्षित करते हैं। कहा कि करीब 250 आतंकवादी एलओसी से घुसपैठ के लिए वहां मौजूद हैं, लेकिन पाकिस्तान के मंसूबों को नाकाम करने के लिए सुरक्षा बल चौकन्ने हैं।