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Jammu News: शराब की दुकान व बार में नौकरी के लिए अब ट्रेनिंग जरूरी
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-प्रमाणपत्र के बिना नहीं मिलेगा काम, प्रमाणपत्र के बिना नहीं मिलेगा काम
-30 दिन में सेल्समैन-बारमैन को प्रशिक्षण पूरा करना होगा, 100 फीसदी हाजिरी जरूरी
-नगरोटा में लगेंगे प्रशिक्षण बैच, एमआरपी, ओवरचार्जिंग, बिलिंग के समझाए जाएंगे नियम
अरुण कुमार
जम्मू। शराब की दुकान, बार या होटल में काम करने के लिए अब सिर्फ अनुभव ही पर्याप्त नहीं होगा। ग्राहक से कैसे संवाद और व्यवहार करना है यह भी जरूरी होगी। इसके लिए यहां काम करने वाले कर्मचारियों को पहली बार नियमों का पाठ पढ़ाया जाएगा। इसके लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और पूरा करने के बाद प्रमाणपत्र भी मिलेगा। इसके बाद बिना प्रशिक्षित मैनेजमेंट स्टाफ, सेल्समैन या बर्मन को काम करने की अनुमति नहीं होगी। जम्मू-कश्मीर आबकारी विभाग पहले बार इस तरह की व्यवस्था की है
नई व्यवस्था के तहत आबकारी एवं कराधान प्रशिक्षण संस्थान, नगरोटा को सभी शराब दुकानों, बार और होटलों में काम करने वाले मैनेजमेंट स्टाफ, सेल्समैन और बर्मन के लिए जिला स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। पूरे प्रशिक्षण सत्र 45 दिन के भीतर आयोजित किए जाने हैं, जबकि फ्रंटलाइन स्टाफ को 30 दिन के भीतर प्रशिक्षण पूरा करना होगा। शराब की दुकान और होटल बार में कर्मचारियों का ग्राहकों के साथ दुर्व्यवहार ओवरचार्जिंग, रेट लिस्ट प्रदर्शित नहीं होने की शिकायतों के बाद विभाग ने ये कदम उठाया है।
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रेट लिस्ट से ई-पॉस तक सिखाएंगे नियम
ट्रेनिंग में जम्मू-कश्मीर आबकारी अधिनियम, 1958, शराब लाइसेंस एवं बिक्री नियम, 1984 और आबकारी नीति की जानकारी दी जाएगी। कर्मचारियों को दुकान पर रेट लिस्ट प्रदर्शित करने, एमआरपी के अनुसार बिक्री और ओवरचार्जिंग रोकने के नियम समझाए जाएंगे। सही बिलिंग, ई-पॉस मशीन के इस्तेमाल, रिकॉर्ड रखने, ग्राहकों से व्यवहार और शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया भी प्रशिक्षण का हिस्सा होगी। प्रशिक्षण में कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित नहीं करने या ट्रेनिंग के बाद भी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर लाइसेंसधारी पर जुर्माना, लाइसेंस निलंबन या रद्द करने तक की कार्रवाई होगी।
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नाबालिगों को बिक्री पर रहेगा खास जोर
प्रशिक्षण में नाबालिगों को शराब बेचने पर रोक, एमआरपी नियम और डिजिटल बिलिंग पर विशेष ध्यान रहेगा। सभी पंजीकृत कर्मचारियों की 100 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य होगी और जरूरत के मुताबिक शिफ्ट में बैच लगाए जाएंगे। अनुपस्थित रहने वालों की सूची आबकारी आयुक्त कार्यालय को भेजी जाएगी। प्रशिक्षण देने के लिए डिप्टी कमिश्नर एक्साइज, ईटीओ और कानून अधिकारियों को रिसोर्स पर्सन बनाया गया है। ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली का डेमो भी दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद विभाग को फोटो, उपस्थिति पत्रक और कर्मचारियों के फीडबैक के साथ अनुपालन रिपोर्ट भी भेजनी होगी।
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-30 दिन में सेल्समैन-बारमैन को प्रशिक्षण पूरा करना होगा, 100 फीसदी हाजिरी जरूरी
-नगरोटा में लगेंगे प्रशिक्षण बैच, एमआरपी, ओवरचार्जिंग, बिलिंग के समझाए जाएंगे नियम
अरुण कुमार
जम्मू। शराब की दुकान, बार या होटल में काम करने के लिए अब सिर्फ अनुभव ही पर्याप्त नहीं होगा। ग्राहक से कैसे संवाद और व्यवहार करना है यह भी जरूरी होगी। इसके लिए यहां काम करने वाले कर्मचारियों को पहली बार नियमों का पाठ पढ़ाया जाएगा। इसके लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और पूरा करने के बाद प्रमाणपत्र भी मिलेगा। इसके बाद बिना प्रशिक्षित मैनेजमेंट स्टाफ, सेल्समैन या बर्मन को काम करने की अनुमति नहीं होगी। जम्मू-कश्मीर आबकारी विभाग पहले बार इस तरह की व्यवस्था की है
नई व्यवस्था के तहत आबकारी एवं कराधान प्रशिक्षण संस्थान, नगरोटा को सभी शराब दुकानों, बार और होटलों में काम करने वाले मैनेजमेंट स्टाफ, सेल्समैन और बर्मन के लिए जिला स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। पूरे प्रशिक्षण सत्र 45 दिन के भीतर आयोजित किए जाने हैं, जबकि फ्रंटलाइन स्टाफ को 30 दिन के भीतर प्रशिक्षण पूरा करना होगा। शराब की दुकान और होटल बार में कर्मचारियों का ग्राहकों के साथ दुर्व्यवहार ओवरचार्जिंग, रेट लिस्ट प्रदर्शित नहीं होने की शिकायतों के बाद विभाग ने ये कदम उठाया है।
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रेट लिस्ट से ई-पॉस तक सिखाएंगे नियम
ट्रेनिंग में जम्मू-कश्मीर आबकारी अधिनियम, 1958, शराब लाइसेंस एवं बिक्री नियम, 1984 और आबकारी नीति की जानकारी दी जाएगी। कर्मचारियों को दुकान पर रेट लिस्ट प्रदर्शित करने, एमआरपी के अनुसार बिक्री और ओवरचार्जिंग रोकने के नियम समझाए जाएंगे। सही बिलिंग, ई-पॉस मशीन के इस्तेमाल, रिकॉर्ड रखने, ग्राहकों से व्यवहार और शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया भी प्रशिक्षण का हिस्सा होगी। प्रशिक्षण में कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित नहीं करने या ट्रेनिंग के बाद भी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर लाइसेंसधारी पर जुर्माना, लाइसेंस निलंबन या रद्द करने तक की कार्रवाई होगी।
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नाबालिगों को बिक्री पर रहेगा खास जोर
प्रशिक्षण में नाबालिगों को शराब बेचने पर रोक, एमआरपी नियम और डिजिटल बिलिंग पर विशेष ध्यान रहेगा। सभी पंजीकृत कर्मचारियों की 100 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य होगी और जरूरत के मुताबिक शिफ्ट में बैच लगाए जाएंगे। अनुपस्थित रहने वालों की सूची आबकारी आयुक्त कार्यालय को भेजी जाएगी। प्रशिक्षण देने के लिए डिप्टी कमिश्नर एक्साइज, ईटीओ और कानून अधिकारियों को रिसोर्स पर्सन बनाया गया है। ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली का डेमो भी दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद विभाग को फोटो, उपस्थिति पत्रक और कर्मचारियों के फीडबैक के साथ अनुपालन रिपोर्ट भी भेजनी होगी।