सरेबाजार आतंकियों की गोली का शिकार बने सराफा कारोबारी सतपाल निश्चल के पुत्र राकेश ने बताया कि पापा को उसकी आंखों के सामने गोली मार दी गई। वह दुकान में ग्राहकों को आभूषण दिखा रहा था, तभी एक युवक पहुंचा। उसके घुसते ही टक की आवाज आई तो उसे लगा कि शायद बल्ब फ्यूज हो गया है। फिर लगातार आवाजें आने लगीं तो उसने नौकर से देखने को कहा कि आवाज कहां से आ रही है।
कश्मीर में निश्चल की निर्मम हत्याः बेटे ने कहा- दुकान में उसके घुसते ही टक की आवाज आई, फिर...
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इस बीच उसने देखा कि एक युवक करीब पांच-सात फीट की दूरी से पापा को गोली मार रहा है। उसने सात-आठ गोलियां चलाईं। एक अन्य युवक बाहर खड़ा था। गोली मारने के बाद दोनों निकल भागे। घटना से वह स्तब्ध रह गया। ज्ञात हो कि सतपाल ने हाल ही में डोमिसाइल लिया था।
50 साल से उनका परिवार यहां रह रहा है। 1984 में हरि सिंह स्ट्रीट में दुकान खोली थी। आतंकवाद का चरम भी देखा, लेकिन किसी ने उन्हें कुछ भी नहीं कहा। अब सतपाल को क्यों मारा गया यह परिवार की समझ में नहीं आ रहा है। निश्चल परिवार हर एक के साथ मिल जुलकर रहता था। यही वजह है कि अंत्येष्टि में काफी संख्या में लोग जुटे। राकेश के अनुसार परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं है।
सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल के आस-पास के सीसीटीवी फुटेज को खंगालकर आतंकियों का सुराग लगाने में जुटी हुई हैं। कई स्थानों पर दबिश भी दी गई है। आस पास के कुछ लोगों से घटना के बाद पुलिस ने पूछताछ भी की है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आतंकियों की शिनाख्त कर ली जाएगी।
सरकार की ओर सेे जारी गजट के अनुसार 15 साल तक राज्य में रहने वाले लोगों को यहां का स्थायी अधिवासी माना जाएगा। इसके साथ ही नौकरी के हक के तहत चतुर्थ श्रेणी तक के पद केवल यहां के बाशिंदों के लिए आरक्षित होंगे। अन्य पदों पर राष्ट्रीय स्तर पर भर्ती होगी। अनुच्छेद 370 व 35ए हटने के बाद जमीन तथा नौकरी को लेकर प्रदेशवासियों की चिंताओं को देखते हुए केंद्र ने घोषणा की थी कि जल्द ही डोमिसाइल कानून लागू किया जाएगा।