PICS: देश के सबसे खतरनाक पहाड़, है जिगरा तो आइए यहां
एक फिल्मी डायलाग है, अगर जिगर की जगह जिगर है और जिगर में जिगरा है तो... कुछ इसी तरह का जिगर चाहिए इन खतरनाक पर्वतों तक पहुंचने के लिए। अगर आपको खतरों से खेलने का शौक है और रोमांच पसंद करते हैं। तो पहाड़ आपको बुला रहे हैं। आगे की तस्वीरें में पसंद कीजिए आप कहा जाना चाहेंगे।
PICS: देश के सबसे खतरनाक पहाड़, है जिगरा तो आइए यहां
माछोई, 17,907 फीट
माछोई ग्लेशियर जम्मू-कश्मीर के जोजिला में एनएच-1 डी के दाईं ओर सोनमर्ग से 8 किलोमीटर पूर्व में स्थित उत्तर पूर्वी हिमालय रेंज में से एक है। यह नौ किलोमीटर लंबा ग्लेशियर है। यह ग्लेशियर 4800 मीटर की औसत ऊंचाई पर स्थित है। इस ग्लेशियर में सबसे ऊंची चोटी माछोई पीक है जोकि 5458 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसके पश्चिम में सिंध नदी पश्चिम और पूर्व में द्रास नदी बहती है। ग्लोबल वार्मिंग के कारण इसके पिघलने का खतरा बना हुआ है।
PICS: देश के सबसे खतरनाक पहाड़, है जिगरा तो आइए यहां
कोलाहोई, 17,799 फीट
पहलगाम से बहुत सारे ट्रेक शुरु होते है। कोलाहोई ग्लेशियर के लिये भी 35 किमी लम्बा एक ट्रेक शुरु होता है। यह ग्लेशियर लिददर घाटी से होकर निकलता है। यहां पहुंचने के लिये अरु वैली होकर जाना होता है। यह ग्लेशियर बहुत तेजी से अपना वजूद खोता जा रहा है। यह 5425 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
PICS: देश के सबसे खतरनाक पहाड़, है जिगरा तो आइए यहां
सिरबल, 17,178 फीट
सिरबल पर्वत चोटी कश्मीर के गांदरबल में 5236 मीटर की ऊंचाई पर सोनमर्ग के पास स्थित है। यह हिमालय पर्वत श्रृंख्ला का हिस्सा है। यह सोनमर्ग और बालटाल के बीच में मौजूद है। यह श्रीनगर से 102 किमी दूर पूर्व में सोनमर्ग से पांच किमी आगे है। इसी ग्लेशियर से बर्फ पिघल कर पानी सिंघ नाले में आता है। सिरबल चोटी सोनमर्ग और निछिनाई पास से साफ दिखाई देती है।
PICS: देश के सबसे खतरनाक पहाड़, है जिगरा तो आइए यहां
अमरनाथ, 17,014 फीट
अमरनाथ पर्वत कश्मीर के गांदरबल में 5186 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह सोनमर्ग के आसपास का इलाका है। यह हिमालय पर्वत श्रृंख्ला का हिस्सा है। यह जोजिला के पश्चिम और माछोई के दक्षिण में स्थित है। यह श्रीनगर से 117 किमी और बालटाल से 13 किमी दूर है
जबकि जोजिला से छह किमी की दूरी पर है। इसकी बर्फ पिघल कर पानी के रूप में
बालटाल में सिंघ नदी में पहुंचती है। पवित्र अमरनाथ गुफा इसी पर्वत में
3800 मीटर की ऊंचाई पर है।