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अब किसी आतंकी के जनाजे में नहीं लगेंगे मूसा... मूसा जाकिर मूसा के नारे, सुरक्षाबलों ने मार गिराया
Fri, 24 May 2019 12:34 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Fri, 24 May 2019 12:34 AM IST
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जाकिर मूसा
- फोटो : फाइल
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आतंकी संगठन अलकायदा के कश्मीरी ग्रुप गजवा तुल हिंद के सरगना जाकिर राशिद भट्ट उर्फ जाकिर मूसा का खात्मा होने से सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। यूं कहा जाए कि कश्मीर में अलकायदा के स्थानीय नेटवर्क को सुरक्षाबलों ने नेस्तानबूद कर दिया है। सुरक्षाबलों की हिट लिस्ट में मूसा टॉप पर था। आपरेशन आल आउट के होते ही इसके खात्मे की तैयारी कर ली गई थी, लेकिन इस आतंक के इंजीनियर का द एंड कर दिया गया।
जाकिर मूसा
- फोटो : फाइल
यह वही जाकिर मूसा है जिसके नाम के आतंकियों के जनाजे में मूसा मूसा जाकिर मूसा नाम के नारे लगाए जाते थे। जब भी कोई आतंकी मारा जाता था तो मूसा को वहां अकसर देखा जाता था। जाकिर मूसा इंजीनियरिंग का छात्र था। 29 साल के मूसा ने बीटेक की पढ़ाई की हुई थी। मूसा भी आतंकी बुरहान वानी के गांव पुलवामा के त्राल का रहने वाला था। 2013 में इसने हिजबुल मुजाहिदीन का हाथ थामा था। जब 2016 में सुरक्षाबलों ने हिजबुल के पोस्टर ब्याज वुरहान वानी को मार गिराया तो उससे पहले मूसा भी बुरहान के साथ था। इसके मारे जाने के बाद मूसा ने हिजबुल से किनारा कर लिया।
जाकिर मूसा
- फोटो : फाइल
पूरे विश्व में बनाना चाहता था पहचान
जाकिर मूसा ने हिजबुल का दामन छोड़कर अपना संगठन गजवा तुल हिंद बना लिया था। मूसा चाहता था कि उसकी पहचान सिर्फ कश्मीर तक ही न हो इसीलिए मूसा ने पाकिस्तान में बैठे खालिस्तान फोर्स और बब्बर खालसा के आतंकियों से भी संपर्क बनाए। वह अलकायदा और आईएस के आतंकियों के संपर्क में था। वह पंजाब जैसे शहरों में भी रह कर आया।
जाकिर मूसा ने हिजबुल का दामन छोड़कर अपना संगठन गजवा तुल हिंद बना लिया था। मूसा चाहता था कि उसकी पहचान सिर्फ कश्मीर तक ही न हो इसीलिए मूसा ने पाकिस्तान में बैठे खालिस्तान फोर्स और बब्बर खालसा के आतंकियों से भी संपर्क बनाए। वह अलकायदा और आईएस के आतंकियों के संपर्क में था। वह पंजाब जैसे शहरों में भी रह कर आया।
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जाकिर मूसा पोस्टर
- फोटो : फाइल
हिजबुल से दुश्मनी
18 सितंबर 2017 में शोपियां में जाकिर मूसा के खिलाफ जगह-जगह पोस्टर लगाए गए। इनमें लिखा गया कि जाकिर मूसा भारत का एजेंट है जिसकी सूचनाओं पर आतंकियों को मारा जा रहा है। इसके बाद जाकिर ने हिजबुल से किनारा कर लिया। जाकिर ने अलगाववादियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह आम जनता को भड़का कर आतंकियों को उनके सही काम से भटका रहे हैं। कहा कि कश्मीर मुद्दा इस्लामिक स्टेट का है, लेकिन अलगाववादी इसे किसी और ही दिशा में लेकर जा रहे हैं।
18 सितंबर 2017 में शोपियां में जाकिर मूसा के खिलाफ जगह-जगह पोस्टर लगाए गए। इनमें लिखा गया कि जाकिर मूसा भारत का एजेंट है जिसकी सूचनाओं पर आतंकियों को मारा जा रहा है। इसके बाद जाकिर ने हिजबुल से किनारा कर लिया। जाकिर ने अलगाववादियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह आम जनता को भड़का कर आतंकियों को उनके सही काम से भटका रहे हैं। कहा कि कश्मीर मुद्दा इस्लामिक स्टेट का है, लेकिन अलगाववादी इसे किसी और ही दिशा में लेकर जा रहे हैं।
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- फोटो : फाइल, अमर उजाला
हर किसी की लिस्ट में पहला नाम
जम्मू कश्मीर पुलिस, सेना, सीआरपीएफ सहित तमाम सुरक्षा एजेंसियों की हिट लिस्ट में जाकिर मूसा का नाम सबसे ऊपर था। सभी खुफिया एजेंसियों की मूसा पर नजर थी। यहां तक कि दिल्ली में बैठी खुफिया एजेंसियों ने भी मूसा पर नजर रखी हुई थी।
जम्मू कश्मीर पुलिस, सेना, सीआरपीएफ सहित तमाम सुरक्षा एजेंसियों की हिट लिस्ट में जाकिर मूसा का नाम सबसे ऊपर था। सभी खुफिया एजेंसियों की मूसा पर नजर थी। यहां तक कि दिल्ली में बैठी खुफिया एजेंसियों ने भी मूसा पर नजर रखी हुई थी।