जम्मू-कश्मीर में गुरुवार सुबह शुरू हुए एनकाउंटर में हिज्बुल मुजाहिदीन के दो आतंकियों को सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया। इस मुठभेड़ में मारे गए दो आतंकियों में से एक अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में रिसर्च स्कॉलर भी रह चुका है। सुरक्षाबलों ने हिजबुल के कमांडर मन्नान वानी को मार गिराया है। वह यूपी सहित जम्मू-कश्मीर में भी सुरक्षाबलों की सूची में सबसे ऊपर था।
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- फोटो : social media
एएमयू के भूगर्भ विज्ञान विभाग के शोधार्थी रहे जिस मन्नान वानी ने कश्मीर घाटी में आतंक की राह पर चलने की वजह बताते हुए अपना एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल किया था और खुद को आतंकी होना बताया था। वह मन्नान वानी यूपी पुलिस के रिकार्ड में लम्बे समय से गुमशुदा था। बता दें कि पिछले दिनों सेना ने कश्मीर के टॉप-10 आतंकियों की सूची में भी मन्नान को शामिल किया था।
जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले का मन्नान वानी यहां एएमयू में भूगर्भ विज्ञान का शोधार्थी था और हबीब हॉल में रहता था। उसके अचानक गायब होने के तीसरे दिन सोशल मीडिया पर उसका एक फोटो एके-47 के साथ आतंकी वेश में वायरल हुआ और हिजबुल मुजाहिदीन प्रवक्ता ने उसके संगठन में शामिल होने की घोषणा की थी।
घरवालों की उससे आखिरी बार 4 जनवरी को बात हुई थी। जब मन्नान ने अपने भाई को परिवार के साथ पुरानी तस्वीरें भेजी थीं। उसके बाद उसका फोन बंद हो गया। उसने उसका फेसबुक अकाउंट भी बंद कर दिया।
मन्नान पिछले पांच साल से एएमयू से पढ़ रहा था। वह जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के ताकिपोरा गांव का रहने वाला था। मन्नान को उसके घरवाले आगे की पढ़ाई के लिए यूएस भेजने की तैयारी कर रहे थे जिसके लिए वह बहुत ज्यादा उत्साहित था लेकिन उसके आतंकी संगठन में शामिल होने की खबर के बाद से घरवाले निराश थे और वापसी की उम्मीद लगाए बैठे थे।