उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जन पहुंच कार्यक्रम के तहत सोमवार को जगती कॉलोनी पहुंचकर विस्थापित कश्मीरी पंडितों का दुख-दर्द सुना। इस दौरान राजनीतिक आरक्षण देने, विस्थापितों का स्थायी पुनर्वास और कश्मीर में उनकी संपत्तियों से अवैध कब्जा हटाने का मुद्दा उठा। उपराज्यपाल ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निदान किया जाएगा। सरकार समाज के सभी वर्गों, समुदायों के कल्याण और जम्मू-कश्मीर के निवासियों के अधिकार की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित है। इस दौरान एक ऐसा वाकया हुआ जिसको देखकर उपराज्यपाल कार्यक्रम छोड़कर प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंच गए।
जब कार्यक्रम छोड़ प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, जानिए क्या थी वजह?
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कश्मीरी पंडितों ने स्थानीय पुनर्वास, राहत राशि को बढ़ाने, कारोबार व उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय पैकेज देने, क्षतिग्रस्त संपत्तियों का मुआवजा देने और घाटी में संपत्तियों से अवैध कब्जा हटाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस संबंध में ज्ञापन भी सौंपा। उपराज्यपाल ने आश्वस्त किया कि वे उनकी मांगों का विधिवत परीक्षण कराएंगे। कोरे वादे और घोषणाएं नहीं करेंगे बल्कि उनकी जायज समस्याओं के निस्तारण की कोशिश करेंगे। आयोजित कार्यक्रम में कोरोना एसओपी की वजह से जाने की इजाजत न मिलने से कुछ कश्मीरी पंडितों ने विरोध प्रदर्शन किया। वे न्याय की मांग करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। आवाज सुनकर उपराज्यपाल बाहर निकले और सीधे प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंच गए।
उन्होंने उनकी बात सुनने के बाद कहा कि दो लोगों का प्रतिनिधिमंडल राजभवन उनसे मिलने आ जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ऐसा उन्होंने पहले नहीं देखा। उन्होंने न केवल समस्याओं को जानने के लिए जगती का दौरा किया बल्कि यह जानने की भी कोशिश की कि लोग प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पंजवक्त्र मंदिर के अलावा रघुनाथ और रणवीरेश्वर मंदिर में माथा टेका। उन्होंने इन मंदिरों में पहुंचकर जम्मू और कश्मीर में शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। उन्होंने ऐतिहासिक रघुनाथ बाजार और रेजीडेंसी मार्ग का दौरा किया।
इस दौरान स्थानीय लोगों, दुकानदारों, रघुनाथ बाजार एसोसिएशन और कनक मंडी एसोसिएशन सहित व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बातचीत की। इसमें कोरोना महामारी के कारण लोगों व व्यापारी समुदाय को पेश आ रही कठिनाइयों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने जवाबदेह और उत्तरदायी प्रशासन के लिए लोगों की प्रतिक्रिया पर जोर देते हुए कहा कि वे अपने मुद्दों और शिकायतों के साथ आगे आएं और प्रशासन के कामकाज पर नियमित प्रतिक्रिया प्रदान करके विकास प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएं।
जम्मू शहर के सौंदर्यीकरण, प्रतिष्ठित परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और वर्तमान सरकार से विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के जल्द पूरा करने पर लोगों ने जोर दिया गया। इसके साथ पर्यटन क्षेत्र को गति देने के लिए उचित कदम उठाने की मांग की गई। उपराज्यपाल ने कहा कि सरकार एक प्रभावी सार्वजनिक निवारण प्रणाली के माध्यम से लोगों की शिकायतों को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके सभी वास्तविक मुद्दों और मांगों का योग्यता के आधार पर निपटारा किया जाएगा।