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अनुच्छेद 370 हटने के 48वें दिन घाटी के कुछ ऐसे हैं हालात, महबूबा ने सरकार से उठाई यह मांग
Sun, 22 Sep 2019 02:28 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sun, 22 Sep 2019 02:28 PM IST
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हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : अमर उजाला
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जुमा की नमाज को लेकर लगाई गई पाबंदियां एक दिन बाद कश्मीर के अधिकतर हिस्सों से रविवार को हटा ली गईं, लेकिन कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा इलाके में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन यह अब भी जारी है। शुक्रवार को घाटी के कई इलाकों में नए सिरे से प्रतिबंध लगाए गए थे। बड़ी मस्जिदों तथा धार्मिक स्थलों में अधिक संख्या में लोगों के इकट्ठा होने के दौरान निहित स्वार्थी तत्वों द्वारा मौके का फायदा उठाने के संदेह के चलते यह कदम उठाया गया था।
घाटी के अधिकांश इलाकों से हटाए प्रतिबंध
- फोटो : बासित जरगर
अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर के अधिकतर इलाकों में प्रतिबंधों में ढील दी गई है। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में अब भी प्रतिबंध जारी हैं। दुकानें सुबह-शाम खुल रही हैं। इस अवधि में लोग आवश्यकतानुसार सामान खरीद रहे हैं। पूरी घाटी में लैंडलाइन सेवाएं बहाल हैं। कुपवाड़ा और हंदवाड़ा में मोबाइल सेवा चल रही है।
हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : बासित जरगर
सड़कों पर निजी वाहन भी काफी संख्या में दौड़ते दिखे। खासकर डल गेट इलाके तथा सिविल लाइंस में वाहनों की संख्या अधिक रही। राज्य का विशेष दर्जा समाप्त करने के 48वें दिन शुक्रवार को भी घाटी में मोबाइल तथा इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बल अब भी तैनात हैं। नौहट्टा में जामिया मस्जिद तथा हजरतबल में दरगाह शरीफ सहित कई बड़ी मस्जिदों एवं धार्मिक स्थल पर शुक्रवार को नमाज की अनुमति नहीं दी गई थी।
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बांड पर नेताओं की रिहाई शुरू
राज्य के विशेष दर्जे की समाप्ति के बाद हिरासत में लिए गए अलगाववादियों तथा नेताओं को सरकार ने बांड पर रिहा करना शुरू कर दिया है। पीपुल्स कांफ्रेंस के इमरान रजा अंसारी, पीडीपी के खुर्शीद आलम और नेशनल कांफ्रेंस के सैयद आखून को शुक्रवार को रिहा किया गया था। इसके साथ ही रिहाई के लिए अलगाववादी नेता तथा हुर्रियत (एम) प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक समेत सात लोगों ने बांड पर हस्ताक्षर कर दिया है।
अनुमान के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला व महबूबा मुफ्ती समेत एक हजार से अधिक नेताओं, अलगाववादियों, कार्यकर्ताओं और वकीलों को हिरासत में रखा गया है। नेकां नेता अली मोहम्मद सागर समेत लगभग 100 लोगों को राज्य के बाहर की जेलों में भेजा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री तथा श्रीनगर से नेकां सांसद डा. फारूक अब्दुल्ला को पीएसए के तहत गिरफ्तार रखा गया है।
राज्य के विशेष दर्जे की समाप्ति के बाद हिरासत में लिए गए अलगाववादियों तथा नेताओं को सरकार ने बांड पर रिहा करना शुरू कर दिया है। पीपुल्स कांफ्रेंस के इमरान रजा अंसारी, पीडीपी के खुर्शीद आलम और नेशनल कांफ्रेंस के सैयद आखून को शुक्रवार को रिहा किया गया था। इसके साथ ही रिहाई के लिए अलगाववादी नेता तथा हुर्रियत (एम) प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक समेत सात लोगों ने बांड पर हस्ताक्षर कर दिया है।
अनुमान के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला व महबूबा मुफ्ती समेत एक हजार से अधिक नेताओं, अलगाववादियों, कार्यकर्ताओं और वकीलों को हिरासत में रखा गया है। नेकां नेता अली मोहम्मद सागर समेत लगभग 100 लोगों को राज्य के बाहर की जेलों में भेजा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री तथा श्रीनगर से नेकां सांसद डा. फारूक अब्दुल्ला को पीएसए के तहत गिरफ्तार रखा गया है।
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कश्मीर के हालात में हो रहा तेजी सुधार
- फोटो : अमर उजाला
महबूबा मुफ्ती ने हिरासत में बंद लोगों का ब्योरा मांगा
पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने सरकार से बच्चों और महिलाओं सहित पांच अगस्त के बाद हिरासत में लिए गए लोगों की जानकारी मुहैया कराने को कहा है। मुफ्ती ने राज्य के बाहर जेलों में बंद लोगों का भी ब्योरा मांगा है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद नजरबंद महबूबा ने अपनी बेटी इल्तिजा के माध्यम से यह पत्र केंद्रीय गृहसचिव और जम्मू-कश्मीर के सचिव को भेजा है।
पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने सरकार से बच्चों और महिलाओं सहित पांच अगस्त के बाद हिरासत में लिए गए लोगों की जानकारी मुहैया कराने को कहा है। मुफ्ती ने राज्य के बाहर जेलों में बंद लोगों का भी ब्योरा मांगा है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद नजरबंद महबूबा ने अपनी बेटी इल्तिजा के माध्यम से यह पत्र केंद्रीय गृहसचिव और जम्मू-कश्मीर के सचिव को भेजा है।