फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

सवाल-आखिर हमारा कसूर क्या था?: कश्मीरी पंडितों पर बरपाए गए कहर की झकझोर देने वाली घटनाएं

Thu, 03 Jun 2021 10:58 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 03 Jun 2021 10:58 AM IST
kashmiri pandit rakesh pandita murder and shocking incidents of havoc wreaked on Kashmiri Pandits
कश्मीरी पंडितों के साथ बर्बरता की घटनाओं से संबंधित - फोटो : सोशल मीडिया

नब्बे के दशक की बर्बरता हो या 2 जून 2021 को हुई राकेश पंडिता की हत्या, सभी घटनाएं बार-बार एक ही सवाल करती हैं...आखिर हमारा कसूर क्या था? आखिर किस जुर्म की सजा मिली। यही बर्बरता और दर्द राकेश पंडिता के परिवार को कचोट रहा है। पंडिता की हत्या ने नब्बे और नादिमर्ग के पुराने घावों को फिर कुरेद दिया है। मृतक के परिजनों का बुरा हाल है। रोते-बिलखते लोग एक ही सवाल कर रहे हैं कि आखिर आतंकियों ने राकेश पंडिता को क्यों मारा, उन्होंने किसी का क्या बिगाड़ा था। 



पंडितों पर बर्बरता की शुरुआत 90 के दशक में हुई। 14 सितंबर, 1989 को भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य और जाने-माने वकील, कश्मीरी पंडित, तिलक लाल तप्लू की हत्या जेकेएलएफ ने कर दी। इसके बाद जस्टिस नील कांत गंजू को गोली मार दी गयी। इसी तरह सभी मुख्य कश्मीरी नेताओं को एक-एक कर मौत के घाट उतार दिया गया। एक कश्मीरी पंडित नर्स जो श्रीनगर के एक अस्पताल में तैनात थी, सामूहिक बलात्कार के बाद उनकी हत्या कर दी गई।

आगे की स्लाइड में पढ़ें- कश्मीरी पंडितों पर बरपाए गए कहर की झकझोर देने वाली घटनाएं

kashmiri pandit rakesh pandita murder and shocking incidents of havoc wreaked on Kashmiri Pandits
कश्मीरी पंडितों के साथ बर्बरता की घटनाओं से संबंधित - फोटो : सोशल मीडिया

कश्मीर में 1989-90 में आतंकवाद चरम पर आते ही कश्मीरी पंडितों का कत्लेआम शुरू हो गया। बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडित जान बचाकर घाटी से पलायन कर गए। फिर भी नादिमर्ग में कश्मीरी पंडितों के दस परिवार वहीं बने रहे। समय गुजरता गया 23 मार्च, 2003 को गांव में दिन के समय आतंकी देखे गए। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। बताया जाता है कि पुलिस मौके पर पहुंची ही नहीं थी।

 

kashmiri pandit rakesh pandita murder and shocking incidents of havoc wreaked on Kashmiri Pandits
कश्मीरी पंडितों के साथ बर्बरता की घटनाओं से संबंधित - फोटो : सोशल मीडिया

इसी रात हथियारों से लैस आतंकी गांव में घुसे। इसके बाद आतंकियों ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। गांव के कश्मीरी पंडितों को कतार में खड़ा किया गया। जिसमें महिला, बच्चे और पुरुष थे। देखते ही देखते गोलियों की बौछार शुरू हो गई। हर ओर दिल दहला देने वाली चीखें थीं। थोड़ी देर बाद सन्नाटा पसर गया। हर तरफ लाशें थीं। सारा गांव श्मशान बन चुका था।

विज्ञापन
kashmiri pandit rakesh pandita murder and shocking incidents of havoc wreaked on Kashmiri Pandits
कश्मीरी पंडितों के साथ बर्बरता की घटनाओं से संबंधित - फोटो : सोशल मीडिया

किसी की आंखों के सामने भाई को मार दिया, तो किसी की बहू-बेटी की आबरू लूट ली गई। जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने पर आतंकियों ने एक नर्स को आरे से जिंदा चीर दिया। जान से मारने की धमकी के बाद घर में चावल के ड्रम में छिपे एक पंडित को गोलियों से भून दिया।

kashmiri pandit rakesh pandita murder and shocking incidents of havoc wreaked on Kashmiri Pandits
कश्मीरी पंडितों के साथ बर्बरता की घटनाओं से संबंधित - फोटो : सोशल मीडिया

इसके बाद आतंकियों ने उसकी पत्नी को खून से सने चावल पकाकर खिलाए। कश्मीर छोड़कर भाग जाने के लिए पंडितों के घरों के बाहर और सड़कों पर पोस्टर चस्पा कर दिए गए। 19 जनवरी, 1990 के दिन श्रीनगर में लाखों लोगों का जुलूस निकाला गया। नारे लगे- हम क्या चाहते आजादी, कश्मीरी पंडितों भाग जाओ, औरतों को छोड़ जाओ।

अगली फोटो गैलरी देखें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed