{"_id":"5d767fa48ebc3e0138748223","slug":"kashmir-latest-photos-of-restriction-after-article-370-revoked-latest-visuals-of-kashmir-valley","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"तस्वीरों में देखें हाल-ए-कश्मीर: कई इलाकों से हटीं पाबंदियां, एहतियातन सुरक्षा बलों की रही तैनाती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तस्वीरों में देखें हाल-ए-कश्मीर: कई इलाकों से हटीं पाबंदियां, एहतियातन सुरक्षा बलों की रही तैनाती
Tue, 10 Sep 2019 12:34 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Tue, 10 Sep 2019 12:34 AM IST
विज्ञापन
हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर शहर के कुछ हिस्सों को छोड़कर सोमवार को यहां के अधिकतर इलाकों से पाबंदियां हटा दी गईं। मोहर्रम को देखते हुए एहतियातन रविवार को ज्यादातर इलाकों में पाबंदियां लगाई गई थीं। सोमवार को मायसूमा समेत कुछ अन्य इलाकों में भी पाबंदियां रहीं।
घाटी के अधिकांश इलाकों से हटाए प्रतिबंध
- फोटो : बासित जरगर
अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील लाल चौक और आस-पास के इलाकों के व्यावसायिक केंद्र से अवरोधकों को हटा लिया गया है। हालांकि, कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल तैनात रहेंगे। एक दिन पहले ही वहां के सभी प्रवेश स्थानों पर कंटीली तारें लगाई गई थीं।
हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : बासित जरगर
मोहर्रम के आठवें दिन शहर में कहीं भी किसी भी तरह के जुलूस को रोकने के लिए रविवार को घाटी के अधिकतर हिस्सों में पाबंदियां फि र से लगा दी गई थीं। इस बीच सोमवार को 36वें दिन घाटी की सड़कों पर चहल पहल अन्य दिनों की तुलना में बढ़ी दिखी। कुछ इलाकों में पटरी पर ठेले वाले दिखे।
विज्ञापन
विज्ञापन
हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : बासित जरगर
डल गेट इलाके में काफी संख्या में फलों की रेहड़ी लगी रही। इस इलाके में वाहनों का आवागमन भी सुचारु रहा। जिला मुख्यालय के कार्यालयों में उपस्थिति बढ़ी है। पूरी घाटी में लैंडलाइन टेलीफ ोन सेवा बहाल कर दी गई है।
विज्ञापन
हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : बासित जरगर
हालांकि, मोबाइल एवं इंटरनेट सेवा पांच अगस्त से ही बंद है। प्रमुख अलगाववादी नेताओं को हिरासत में रखा गया है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्रियों फारुक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत मुख्यधारा के नेताओं को या तो हिरासत में या नजरबंद रखा गया है।