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तस्वीरें: कश्मीर में आतंकी धमकियां हो रहीं बेअसर, निजी वाहनों से लोग निकल रहे सड़कों पर
Fri, 20 Sep 2019 01:51 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Fri, 20 Sep 2019 01:51 PM IST
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हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : अमर उजाला
आतंकी धमकियों का आम आदमी पर ज्यादा असर नहीं हो रहा है। धमकियों को धता बताते हुए वह निजी वाहनों से सड़कों पर निकल रहे हैं। दुकानदार भी लगातार अपनी दुकानों को खोलने की कोशिश में हैं। खौफ कम होने से बौखलाए आतंकी निजी वाहनों में जहां तोड़फोड़ कर रहे हैं वहीं दुकानदारों में भय पैदा करने के लिए उन्हें लगातार धमकियां दे रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि धमकी देने या दहशत फैलाने की शिकायतें मिलने पर कार्रवाइयां की जा रही हैं।
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हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : बासित जरगर
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पाबंदियों के 46 दिन बाद भी कुछ इलाकों में दुकानें सुबह जल्दी और शाम को कुछ घंटों के लिए खुली रहती हैं, लेकिन दिन में बंद रहती हैं।
हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : बासित जरगर
निजी कारें घाटी के कई हिस्सों में पिछले कई दिनों से चल रही हैं। सार्वजनिक वाहन जरूर नहीं चल रहे हैं। श्रीनगर के कुछ इलाकों में ऑटो रिक्शा और अंतर जिला कैब भी इलाकों में चलती मिल जाएंगी। हालांकि घाटी में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं,लेकिन लैंडलाइन तथा उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा और हंदवाड़ा में मोबाइल फोन सेवा काम कर रही है।
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हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : बासित जरगर
अधिकारियों ने बताया कि घाटी के अधिकांश इलाकों में पाबंदियां समाप्त हो चुकी हैं लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती जमीन पर जारी थी। घाटी में पहली बार पांच अगस्त को केंद्र द्वारा संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के फैसले की घोषणा के बाद प्रतिबंध लगाए गए थे। जिन्हें स्थिति सुधरने के साथ कई चरणों में हटा लिया गया।
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हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : बासित जरगर
प्रत्येक शुक्रवार को लगा दी जाती है पाबंदी
परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन प्रत्येक शुक्रवार को घाटी के कुछ संवेदनशील हिस्सों में नियमित तौर पर प्रतिबंध लगा देता है। ताकि असामाजिक तत्व इस भीड़ का फायदा उठाकर सुरक्षाबलों को निशाना न बना सकें। इसके चलते पिछले डेढ़ माह से अबूहट्टा में जामिया मस्जिद या हज़रतबल में दरगाह शरीफ में नियमित नमाज नहीं हो पाई है।
परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन प्रत्येक शुक्रवार को घाटी के कुछ संवेदनशील हिस्सों में नियमित तौर पर प्रतिबंध लगा देता है। ताकि असामाजिक तत्व इस भीड़ का फायदा उठाकर सुरक्षाबलों को निशाना न बना सकें। इसके चलते पिछले डेढ़ माह से अबूहट्टा में जामिया मस्जिद या हज़रतबल में दरगाह शरीफ में नियमित नमाज नहीं हो पाई है।