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Jammu News: दो मैच, एक अंक... रणजी के रण में पूर्व चैंपियन को साख बचाने की चुनाैती
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- जम्मू-कश्मीर की ईरानी कप में हार के बाद रणजी में भी खराब शुरुआत
- ग्रीन टॉप पिच और टीम में प्रमुख खिलाड़ियों की कमी खल रही
अभिषेक बड़ू
जम्मू। रणजी ट्रॉफी 2026 में गत चैंपियन जम्मू-कश्मीर के लिए खिताब बचाने का अभियान उम्मीद के मुताबिक शुरू नहीं हुआ है। पहले दो मुकाबलों में टीम के खाते में सिर्फ एक अंक है। ईरानी कप में रेस्ट ऑफ इंडिया से मिली हार ने टीम की मौजूदा स्थिति को लेकर सवाल और बढ़ा दिए हैं। अब जम्मू-कश्मीर के सामने रणजी के रण में वापसी के साथ ट्राॅफी में बने रहने की चुनौती है।
जम्मू-कश्मीर की शुरुआत मध्य प्रदेश के खिलाफ ड्रॉ मुकाबले के साथ हुई। पहली पारी में बढ़त गंवाने के बाद बारिश और कम रोशनी ने टीम को हार से बचाया लेकिन लचर प्रदर्शन को उजागार किया। बीते मंगलवार को श्रीनगर में विदर्भ ने चैंपियन टीम को तीन विकेट से हराकर उसकी मुश्किलें और बढ़ा दीं। श्रीनगर की ग्रीन टॉप पिच भी चर्चा में है। तेज गेंदबाजों के लिए मददगार इन विकेट पर बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान नहीं रहा। पूर्व क्रिकेटर सुरिंदर सिंह बगल का मानना है कि ईरानी कप में आकिब नबी की गैरमौजूदगी जम्मू-कश्मीर को भारी पड़ी। टीम में कुछ खिलाड़ी चोटों से जूझ रहे हैं। नए खिलाड़ियों को भी मौका मिला है। उनके अनुसार ग्रीन टॉप विकेट दोनों टीमों के लिए चुनौतीपूर्ण हैं और ऐसे विकेटों पर बड़े स्कोर बनाना मुश्किल रहता है। उन्होंने भरोसा जताया कि जम्मू-कश्मीर की टीम टूर्नामेंट में वापसी करेगी। पूर्व रणजी खिलाड़ी अश्वनी गुप्ता ने भी आकिब नबी और युद्धवीर सिंह चाढ़क की कमी भी खल रही है। बड़ी उम्मीदें कभी-कभी खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं, लेकिन यह टीम मुश्किल दौर से निकलकर अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम है। (संवाद)
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चैंपियन टीम पर भरोसा बरकरार
पूर्व क्रिकेटर रंजीत कालरा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की टीम ने पिछले कुछ मैचों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया है, लेकिन इसे लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। क्रिकेट में एक-दो मुकाबलों का खराब प्रदर्शन पूरी टीम की क्षमता का आकलन नहीं हो सकता। यह वही टीम है जिसने पिछले सत्र में रणजी ट्रॉफी जीती थी। कालरा के अनुसार, टीम प्रबंधन को अब अपनी रणनीति पर गंभीरता से विचार करना होगा। ग्रीन टॉप पिचों पर बल्लेबाजी क्रम, शुरुआती विकेट बचाने की योजना और गेंदबाजी में सही संयोजन पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
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- ग्रीन टॉप पिच और टीम में प्रमुख खिलाड़ियों की कमी खल रही
अभिषेक बड़ू
जम्मू। रणजी ट्रॉफी 2026 में गत चैंपियन जम्मू-कश्मीर के लिए खिताब बचाने का अभियान उम्मीद के मुताबिक शुरू नहीं हुआ है। पहले दो मुकाबलों में टीम के खाते में सिर्फ एक अंक है। ईरानी कप में रेस्ट ऑफ इंडिया से मिली हार ने टीम की मौजूदा स्थिति को लेकर सवाल और बढ़ा दिए हैं। अब जम्मू-कश्मीर के सामने रणजी के रण में वापसी के साथ ट्राॅफी में बने रहने की चुनौती है।
जम्मू-कश्मीर की शुरुआत मध्य प्रदेश के खिलाफ ड्रॉ मुकाबले के साथ हुई। पहली पारी में बढ़त गंवाने के बाद बारिश और कम रोशनी ने टीम को हार से बचाया लेकिन लचर प्रदर्शन को उजागार किया। बीते मंगलवार को श्रीनगर में विदर्भ ने चैंपियन टीम को तीन विकेट से हराकर उसकी मुश्किलें और बढ़ा दीं। श्रीनगर की ग्रीन टॉप पिच भी चर्चा में है। तेज गेंदबाजों के लिए मददगार इन विकेट पर बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान नहीं रहा। पूर्व क्रिकेटर सुरिंदर सिंह बगल का मानना है कि ईरानी कप में आकिब नबी की गैरमौजूदगी जम्मू-कश्मीर को भारी पड़ी। टीम में कुछ खिलाड़ी चोटों से जूझ रहे हैं। नए खिलाड़ियों को भी मौका मिला है। उनके अनुसार ग्रीन टॉप विकेट दोनों टीमों के लिए चुनौतीपूर्ण हैं और ऐसे विकेटों पर बड़े स्कोर बनाना मुश्किल रहता है। उन्होंने भरोसा जताया कि जम्मू-कश्मीर की टीम टूर्नामेंट में वापसी करेगी। पूर्व रणजी खिलाड़ी अश्वनी गुप्ता ने भी आकिब नबी और युद्धवीर सिंह चाढ़क की कमी भी खल रही है। बड़ी उम्मीदें कभी-कभी खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं, लेकिन यह टीम मुश्किल दौर से निकलकर अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम है। (संवाद)
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चैंपियन टीम पर भरोसा बरकरार
पूर्व क्रिकेटर रंजीत कालरा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की टीम ने पिछले कुछ मैचों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया है, लेकिन इसे लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। क्रिकेट में एक-दो मुकाबलों का खराब प्रदर्शन पूरी टीम की क्षमता का आकलन नहीं हो सकता। यह वही टीम है जिसने पिछले सत्र में रणजी ट्रॉफी जीती थी। कालरा के अनुसार, टीम प्रबंधन को अब अपनी रणनीति पर गंभीरता से विचार करना होगा। ग्रीन टॉप पिचों पर बल्लेबाजी क्रम, शुरुआती विकेट बचाने की योजना और गेंदबाजी में सही संयोजन पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
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