फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

मैं जंग पर जा रहा हूं ये अंगूठी मेरे घर भेज देना...कारगिल के नायक अनुज के जज्बे की बेमिसाल कहानी

Wed, 08 Jul 2020 03:32 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Wed, 08 Jul 2020 03:32 PM IST
विज्ञापन
Kargil hero Captain Anuj Nayyar story
Kargil hero Captain Anuj Nayyar - फोटो : सोशल मीडिया

कारगिल युद्ध के 21 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस युद्ध में कई हीरो रहे। इनमें से एक थे कैप्टन अनुज नैय्यर। 25 साल के अनुज अपनी बचपन की दोस्त से सगाई के लिए घर जाने वाले थे, तभी युद्ध छिड़ गया और उन्हें मोर्चे पर कारगिल जाना पड़ा। टाइगर हिल के पश्चिम में प्वाइंट 4875 के एक हिस्से पिंपल कॉम्प्लेक्स को खाली कराने की जिम्मेदारी 17 जाट रेजिमेंट के कैप्टन अनुज नैय्यर को दी गई।


 

Kargil hero Captain Anuj Nayyar story
Kargil hero Captain Anuj Nayyar - फोटो : सोशल मीडिया

प्वाइंट 4875 की यह पोस्ट 6000 फुट की ऊंचाई पर थी। इसे जीतना बेहद जरूरी था, ताकि आगे की राह को आसान बनाया जा सके। एक दल के साथ कैप्टन नैय्यर ने 6 जुलाई की रात को चढ़ाई शुरू की। कदम-कदम पर मौत से सामना होना तय था। लेकिन कैप्टन नैय्यर साथियों के साथ आगे बढ़ते रहे।


 
Kargil hero Captain Anuj Nayyar story
Kargil hero Captain Anuj Nayyar - फोटो : सोशल मीडिया

कैप्टन नैय्यर की सोच थी कि किसी भी तरह से इस पोस्ट को खाली करवाना है, जिसके लिए वह साथियों के साथ दबे पांव आगे बढ़ रहे थे। इसी बीच दुश्मन को इनके दस्तक देने की आहट मिल गई और उसने अनुज की टीम पर फायर शुरू कर दिया। कैप्टन ने साथियों के साथ मिलकर दुश्मन को करारा जवाब दिया और अकेले ही पाकिस्तान के नौ घुसपैठियों को मार गिराया।


 
विज्ञापन
विज्ञापन
Kargil hero Captain Anuj Nayyar story
Kargil hero Captain Anuj Nayyar - फोटो : सोशल मीडिया

अनुज और उनके साथियों ने बाकी पाकिस्तानी घुसपैठियों को पीछे खदेड़ दिया। पिंपल 2 पर 17 जाट ने लगभग विजय प्राप्त कर ली थी। घायल हो चुके कैप्टन अनुज नैय्यर ने मशीनगन से बंकर को भी तबाह कर दिया था। लेकिन विजय का तिरंगा फहराने के लिए वह आगे बढ़ ही रहे थे कि दुश्मन का एक ग्रेनेड सीधा उनके ऊपर पड़ा और वह शहीद हो गए।


 
विज्ञापन
Kargil hero Captain Anuj Nayyar story
kargil hero Vikram Batra - फोटो : सोशल मीडिया

इस बीच पाकिस्तानी घुसपैठियों ने वापस आकर प्वाइंट 4875 पर कब्जा करना चाहा, लेकिन पीछे से दूसरी टीम के साथ कैप्टन बत्रा पहुंच चुके थे। उन्होंने घुसपैठियों का काम तमाम कर दिया। लेकिन तिरंगा फहराने से पहले वह भी दुश्मन की गोलियों की बौछार से शहीद हो गए। हालांकि 4875 पर 7 जुलाई को ही झंडा फहरा दिया गया।

 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed