बनी के दूरदराज ढ़ग्गर इलाके में मंगलवार तड़के पूरा इलाका मां ज्वाला के जयघोष से गूंज उठा। पारंपरिक ढोल और बांसुरी की धुन पर श्रद्धालु रातभर झूमते हुए मां का आह्वान करते रहे। दूरदराज के पहाड़ों पर मशाल ऐसे जल रही थीं मानो किसी ने एक बड़ी ज्योति प्रज्ज्वलित की हो। मां ज्वाला के तीनों मंदिरों की परिक्रमा और फिर एक साथ मशाल को जलाकर उठे अंगार के बीच से गुजरे मंदिर के 95 वर्षीय पुजारी भगत राम ने लोगों को अचंभित कर दिया। इसी के साथ बनी के ढ़ग्गर में ज्वाला मां की वार्षिक यात्रा संपन्न हो गई। क्षेत्र की सुख स्मृद्धि और मां ज्वाला की कृपा क्षेत्र के लोगों पर बनी रहे इसी की कामना लिए सैकड़ों भक्त यात्रा में शामिल हुए।
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ज्वाला मां के जयकारों से गूंजी वादियां
- फोटो : अमर उजाला
स्थानीय लोगों की माने तो ढ़ग्गर के ज्वाला मां मंदिर की मान्यता हिमाचल के ज्वालाजी धाम से जुड़ी है। यहीं से लाकर मां की मूर्ती ढ़ग्गर में स्थापित की गई थी। लोगों ने बताया सदियों से गांव में ज्वाला मां की पूजा होती है और क्षेत्र के लोग हर साल यात्रा निकालते हैं। इसमें रात के समय लोग घरों से मशाल लेकर मां का जयघोष करते हुए मंदिर प्रांगण में एकत्र होते हैं। सभी मंदिरों की परिक्रमा के उपरांत भक्तों की मशाल एक जगह पर दहन की जाती है, जिससे निकलते अंगारों से पुजारी पैदल सकुशल बाहर निकलते हैं।
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ज्वाला मां के जयकारों से गूंजी वादियां
- फोटो : अमर उजाला
मां ज्वाला की वार्षिक यात्रा के समापन पर मंगलवार को ढ़ग्गर में सांस्कृतिक मेले का भी आयोजन हुआ। मां ज्वाला मंदिर कमेटी की ओर से आयोजित इस समारोह में हिमाचल से आए कलाकार काकू ठाकुर और साथियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से आए हुए लोगों का मनोरंजन किया।
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ज्वाला मां के जयकारों से गूंजी वादियां
- फोटो : अमर उजाला
आयोजन कमेटी के सदस्यों ने बताया कि समापन समारोह के दौरान बनी विधानसभा क्षेत्र के गणमान्य लोगों को सम्मानित भी किया गया, जिनमें विभिन्न पंचायतों के सरपंच और सेवानिवृत्त तहसीलदार ग्यासूदीन भी शामिल रहे। वहीं, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाओं के कई विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।
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- फोटो : अमर उजाला
सुबह दस से तीन बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम का दौर जारी रहा। इसके उपरांत पारंपरिक कुड नृत्य में क्षेत्र के लोगों के साथ आए हुए मेहमान भी झूमने को मजबूर हो गए। समारोह के दौरान डॉ. रामेश्वर की ओर से निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाया गया, जिसमें चार सौ मरीजों की स्वास्थ्य जांच की गई।