जम्मू संभाग में आतंकवाद के सफाये की तैयारी कर ली गई है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा ग्रिड मजबूत होगी। इसे लेकर पंजाब, जम्मू-कश्मीर पुलिस, बीएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने कठुआ में बैठक कर मंथन किया।
बैठक में आतंकी हमलों पर मंथन के लिए सुरक्षा एजेंसियों का अमला जमा हुआ। सीमा पार से आतंकियों की घुसपैठ रोकने पर तीन अहम फैसले लिए गए। इसमें दोनों राज्यों के बॉर्डर के साथ लगते नदी नालों की नए सिरे निगरानी, बॉर्डर पर सुरंगें खोजने की विशेष मुहिम चलाने और दोनों राज्यों की पुलिस और बीएसएफ के बीच संयुक्त खुफिया तंत्र का गठन शामिल है। चर्चा की गई कि कहां पर चूक हुई है। इसे कैसे ठीक किया जा सकता है।
तीन घंटे कठुआ पुलिस लाइन में चली बैठक में बीएसएफ के विशेष डीजीपी पश्चिमी कमान वाई बी खुरानिया, पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव और जम्मू पुलिस के डीजीपी आर आर स्वैन मुख्य रूप से शामिल हुए। बैठक में चर्चा हुई कि ऐसी सूचना है कि पिछले दिनों पंजाब के गुरदासपुर सीमा पर नदी से और जम्मू के कठुआ सांबा सीमा पर सुरंग के जरिए घुसपैठ की गई है। इन दोनों खामियों को घुसपैठ के पीछे कारण बताया जा रहा है। इसे रोकने के लिए नए सिरे से रणनीति बनाने का फैसला किया गया। बीएसएफ और पुलिस मिलकर इस पर रोक लगाने के लिए विशेषज्ञों की मदद से रणनीति बनाएंगे। सीमा पर चौकसी बढ़ाने का फैसला किया गया है।
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कठुआ में उच्च स्तरीय बैठक
- फोटो : संवाद
सीमा किनारे नदियों की निगरानी
पंजाब पुलिस, जम्मू-कश्मीर पुलिस और बीएसएफ सीमा के नजदीक नदी नालों की निगरानी करेंगे। इसके लिए विशेष दस्ते का गठन किया जाएगा। इस तरह की कार्रवाई जम्मू के अखनूर चिनाब दरिया में भी की जाती है। पंजाब और कठुआ सांबा के बड़े स्तर पर नदी नाले पाकिस्तान जाते हैं। ऐसी सूचना है कि पिछले दिनों गुरदासपुर सीमा पर नदी के जरिए आतंकियों ने घुसपैठ की। इसके बाद दो आतंकी पठानकोट में देखे गए। इसके बाद पंजाब में अलर्ट भी किया गया।
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आतंकियों की तलाश में जुटा सेना का हेलीकॉप्टर
- फोटो : एजेंसी
सुरंगें खोजने को विशेष मुहिम
सांबा और कठुआ सीमा पर सुरंगें खोजने के लिए बीएसएफ की तरफ से विशेष मुहिम चलाई जाएगी। इसके लिए विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। संभव है कि अब राडार का इस्तेमाल भी हो। क्योंकि ऐसा माना जा रहा है कि आतंकियों ने सीमा पार से सुरंग से घुसपैठ की। यह सुरंगें ज्यादा लंबी भी नहीं। डीजीपी आरआर स्वैन ने भी पिछले दिनों संभावना जताई थी कि आतंकी सुरंग के जरिए आ सकते हैं।
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सुरक्षाबल
- फोटो : अनिल कुमार
संयुक्त खुफिया तंत्र बनेगा
सुरक्षा एजेंसियों में समन्वय की कमी भी नजर आई है। इसे दूर करने के लिए दोनों राज्यों की पुलिस और बीएसएफ मिलकर एक संयुक्त खुफिया तंत्र गठित करेंगी ताकि आतंकवाद से संबंधित कोई भी इनपुट तत्काल साझा किया जा सके। एक संयुक्त रणनीति भी तैयार की जाएगी ताकि घुसपैठ के लिए मिलकर काम किया जाए।
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कठुआ में आतंकी हमला
- फोटो : अनिल कुमार
घुस चुके आतंकियों का खात्मा
बैठक में चर्चा की गई कि आतंकी घुसपैठ करने में सफल हो गए हैं। आतंकी अपने साथ अत्याधुनिक अमेरिकी निर्मित एम-4 राइफलें भी लाए हैं। घुसपैठ करके माचेडी के घने जंगलों तक पहुंचने में कामयाब हो गए हैं। यह इलाका उधमपुर के बसंतगढ़ और डोडा जिले के भद्रवाह को जोड़ता है। पूर्व में भी आतंकी इन रूट का इस्तेमाल करते आए हैं। दो दशक पहले इस क्षेत्र में आतंकवाद अपने चरम पर था। इस क्षेत्र को आतंकवादियों की मौजूदगी से मुक्त कर दिया गया था, लेकिन आतंकवादी गतिविधियों के फिर से शुरू होने से गंभीर सुरक्षा चिंताएं पैदा हो गई हैं। इसे मिलकर खत्म किया जाएगा।