{"_id":"611be19d8ebc3e42ab2e689a","slug":"jammu-and-kashmir-many-bjp-leaders-and-workers-killed-in-two-years-terrorists-also-targeted-army-personnel-policemen-and-citizens","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर: दो साल में 23 भाजपा नेताओं का कत्ल, सेना के जवान और पुलिसकर्मी भी बने आतंकियों का निशाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर: दो साल में 23 भाजपा नेताओं का कत्ल, सेना के जवान और पुलिसकर्मी भी बने आतंकियों का निशाना
Tue, 17 Aug 2021 09:49 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 17 Aug 2021 09:49 PM IST
विज्ञापन
आतंकियों द्वारा मारे गए नेता।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले में मंगलवार शाम आतंकियों ने होमाशालीबुग विधानसभा क्षेत्र के भाजपा अध्यक्ष जावेद अहमद डार की घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद आतंकी आसपास के लोगों को धमकी देते हुए भाग निकले। सुरक्षा बलों ने आसपास के इलाकों को घेरकर तलाशी शुरू कर दी है।
BJP leader on target of terrorists in Kashmir
- फोटो : अमर उजाला
आपको बता दें कि नौ अगस्त को अनंतनाग जिले में घात लगाकर आतंकियों ने भाजपा सरपंच गुलाम रसूल डार और उनकी पत्नी की हत्या कर दी थी। बीते साल इसी तारीख को आतंकियों ने बडगाम में भाजपा जिलाध्यक्ष पर हमला किया था। आतंकियों ने इस हमले को वो उस वक्त अंजाम दिया जब अब्दुल सुबह सैर पर निकले थे। आतंकियों की फायरिंग का शिकार हुए अब्दुल ने उपचार के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
BJP sarpanch and his wife killed by terrorists in Anantnag
- फोटो : अमर उजाला
अब्दुल की हत्या के तीन दिन पहले कुलगाम जिले में आतंकियों ने भाजपा से जुड़े सरपंच सज्जाद खांडे की हत्या कर दी थी। इससे पहले चार अगस्त को कुलगाम में पंच पीर आरिफ अहमद शाह को गोली मार दी गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरपंच अजय पंडिता की फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
वहीं जुलाई महीने में भाजपा के बांदीपोरा जिलाध्यक्ष वसीम बारी और उनके दो परिजनों की हत्या कर दी गई थी। 15 जुलाई को सोपोर में भाजपा नेता मेहराजुद्दीन मल्ला को अगवा किया गया था, हालांकि इन्हें दस घंटे में ही मुक्त करा लिया गया था। इस घटना के करीब एक माह पूर्व आठ जून को अनंतनाग में कांग्रेस नेता और सरपंच अजय पंडिता की हत्या कर दी गई थी।
विज्ञापन
Javaid Ahmed Dar
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि घाटी में जम्हूरियत की मजबूती में जुटे नेताओं, कार्यकर्ताओं से लेकर पंचायती नुमाइंदों पर पहले भी आतंकी हमले होते रहे हैं। वर्ष 1990 से 2009 तक 587 सियासी लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया। सर्वाधिक राजनीतिक हत्याएं चुनावी वर्ष 2002 में हुई थीं। इसके अलावा चुनावी वर्ष 1996 में 75, 1998 में 45, 1999 में 53 और 2004 में 60 राजनीतिक हत्याएं हुईं।