बरसात के सीजन में इस बार बैंगन और भिंडी की बंपर पैदावार हुई है, लेकिन मंडियों में वाजिब दाम न मिलने से किसान परेशान हैं। वहीं, मंडी के बाहर निकलते ही इन सब्जियों के दाम पांच गुना ज्यादा लगाए जा रहे हैं। रैपर दोमाना और मढ़ क्षेत्र के किसानों का कहना है कि इस बार बैंगन-भिंडी की अच्छी फसल निकली है, लेकिन उन्हें मंडियों में मात्र पांच रुपये प्रति किलो दाम दिया जा रहा है, जिससे उनको सब्जी उगाने का खर्च भी पूरा नहीं हो पा रहा है। जबकि दुकानदार मनमर्जी के दाम वसूल रहे हैं। उनका कहना है कि दुकानों पर 20-से 25 रुपये प्रति किलो बैंगन-भिंडी बेचे जा रहे हैं, जो सब्जी उत्पादकों से अन्याय है। अच्छे दाम न मिलने से ज्यादातर सब्जी खेतों में ही सड़ रही है। इस बार अच्छी फसल होने से आस जगी थी कि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन बैंगन-भिंडी के दाम मंडी में बहुत कम मिल रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर: किसानों से मंडियों में पांच रुपये प्रति किलो लिए जा रहे बैंगन और भिंडी, दुकान पर बिक रहे 20-25 रुपये किलो
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सब्जी उत्पादकों को उचित दाम मुहैया करवाए सरकार
दोमाना के किसान पवन सलाथिया, लाहोरी चक के प्रेम सिंह, तरसेम लाल शिंदा, संग्रामपुर से किसान दीपक पांडे, मिश्रीवाला के किसान गुरबचन सिंह, नई बस्ती से सुरेश कुमार, बाबे दा तालाब से रेखा रानी आदि ने बताया कि बीते साल कोरोना के चलते भी काफी नुकसान झेलना पड़ा।
उन्हें अपने क्षेत्र से 25 किलोमीटर तक वाहन का किराया देकर जम्मू के नरवाल सब्जी मंडी में सब्जी पहुंचानी पड़ती है, जिससे उनका बहुत खर्च आता है, साथ ही खेतों में फसल की तुड़ाई के लिए भी मजदूर को दिहाड़ी देनी पड़ती है, जिससे किसानों को सब्जी उगाने का खर्च भी पूरा नहीं हो पा रहा है। किसानों ने मांग उठाई कि प्रशासन उन्हें सब्जियों के उचित दाम मुहैया करवाए और दुकानों पर भी रेट तय किए जाएं।
मढ़ जोन में कुल 225 हेक्टेयर क्षेत्र में बैंगन की खेती की जा रही है। जिसमें मढ़ में 110 हेक्टेयर, मिश्रीवाला में 60 हेक्टेयर, पौनीचक में 30, भलवाल में 10 और फ्लायं मंडाल में 15 हेक्टेयर क्षेत्र शामिल है। इसी तरह क्षेत्र में 200 हेक्टयेर के करीब भिंडी की खेती की जा रही है। किसानों से अपील है कि फसलचक्र को अपनाकर सहमति से अलग-अलग सब्जियों का उत्पादन करें, ताकि अच्छे दाम मिल सकें। - अश्वनी जोजरा, एसडीएओ, कृषि विभाग, मढ़
दुकानदार किस रेट पर सब्जी बेच रहे हैं, इसका प्रशासन को दाम तय करना चाहिए। मंडी में किसानों को बैंगन-भिंडी का पांच-छह रुपये दाम दिया जा रहा है, जबकि दुकानदारों को आठ से 10 रुपये में बेचा जा रहा है। अब दुकानदार मनमाने दाम वसूल रहे हैं तो इसका प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। - सुरेंद्र कुमार, अध्यक्ष, नरवाल सब्जी मंडी
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