जम्मू कश्मीर और लद्दाख में मानसून आखिरी पड़ाव की ओर है। अमूमन मानसून 15 सितंबर तक सक्रिय रहता है, लेकिन इस बार अगस्त के शुरू ही मानसून कमजोर पड़ गया था। जुलाई के अंत में बारिश के बाद खुलकर पानी नहीं बरसा। जम्मू कश्मीर में जिला रियासी और गांदरबल को छोड़कर बाकी 18 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। प्रदेश के जिला शोपियां, किश्तवाड़ में सामान्य से 50 फीसदी कम बारिश हुई है। प्रदेश में जून से अगस्त तक सामान्य 466.6 मिलीमीटर की तुलना में 324.8 मिलीमीटर ही बारिश हुई है, जो सामान्य से 30 फीसदी कम है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के निदेशक सोनम लोट्स के अनुसार मानसून के कमजोर पड़ने के कारण सामान्य से कम बारिश हुई है। आगामी दिनों में भी अधिकतर मौसम साफ रहने के आसार हैं। कश्मीर संभाग में जिला शोपियां में सबसे अधिलक सामान्य से 74 फीसदी कम बारिश हुई है, यहां सामान्य 220.3 मिलीमीटर की तुलना में 56.5 मिलीमीटर ही बारिश हुई। इसी तरह किश्तवाड़ में सामान्य 339.9 मिलीमीटर की तुलना में 121.6 मिलीमीटर ही बारिश हुई, जो सामान्य से 64 फीसदी कम थी।
जम्मू-कश्मीर: प्रदेश में मानसून आखिरी पड़ाव पर, आसमान से सामान्य से 30 फीसदी कम पानी बरसा
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इसी तरह जिला डोडा में सामान्य 339.9 मिलीमीटर की तुलना में 267.4 मिलीमीटर( माइनस 21 फीसदी), जम्मू में सामान्य 813.3 मिलीमीटर की तुलना में 545.6 मिलीमीटर (माइनस 33 फीसदी), पुंछ में सामान्य 616.1 मिलीमीटर की तुलना में 466 मिलीमीटर (माइनस 24 फीसदी), राजोरी में सामान्य 664.9 फीसदी की तुलना में 345.8 मिलीमीटर (माइनस 48 फीसदी), रामबन में सामान्य 331.1 मिलीमीटर की तुलना में 243.2 मिलीमीटर (माइनस 27 फीसदी), रियासी में सामान्य 953.3 मिलीमीटर की तुलना में 1029.6 मिलीमीटर (8 फीसदी अधिक), सांबा में सामान्य 813.3 मिलीमीटर की तुलना में 691 मिलीमीटर (माइनस15 फीसदी), श्रीनगर में सामान्य 169 मिलीमीटर की तुलना में 162 (माइनस 4 फीसदी), उधमपुर में सामान्य 1133 मिलीमीटर की तुलना में 985 मिलीमीटर (माइनस 13 फीसदी) बारिश हुई है।
लद्दाख में सामान्य 28.5 मिलीमीटर की तुलना में 12.1 मिलीमीटर बारिश हुई जो सामान्य से 58 फीसदी कम है।
कारगिल में सामान्य 28.5 मिलीमीटर की तुलना में 19.6 मिलीमीटर बारिश (माइनस 31 फीसदी) हुई है।
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