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जम्मू कश्मीर: प्रदेश को दो साल से नहीं मिल पाया राजकीय पक्षी, लद्दाख ने घोषित कर दिए पशु-पक्षी
Thu, 02 Sep 2021 10:35 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Thu, 02 Sep 2021 10:35 PM IST
सार
जम्मू कश्मीर के राजकीय पक्षी के चयन के लिए पिछले दो साल से कसरत चल रही है, लेकिन इसे फाइनल नहीं किया जा सका है। इससे पहले जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दोनों ही राज्य के लिए हंगुल राजकीय पशु और क्रेन राजकीय पक्षी था।
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ब्लैक नेक्ड क्रेन और हंगुल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राज्य पुनर्गठन के दो साल बाद भी प्रदेश को अपना राजकीय पक्षी नहीं मिल पाया है। इससे पहले जम्मू-कश्मीर और लद्दाख राज्य के लिए हंगुल राजकीय पशु और क्रेन राजकीय पक्षी था। चूंकि क्रेन लद्दाख के चांगथांग इलाके में ही पाया जाता है, जिससे इसे केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में राजकीय पक्षी की पहचान मिल गई है। जम्मू-कश्मीर के लिए अब तक राजकीय पक्षी का चयन नहीं हो पाया है। संभवत हंगुल ही राजकीय पशु रखा जाएगा।
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केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में अब हिम तेंदुआ (स्नो लेपर्ड) राजकीय पशु और काली गर्दन वाले सारस (ब्लैक नेक क्रेन) को राजकीय पक्षी घोषित किया गया है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के लिए कोशिश की जा रही है कि यहां का राजकीय पक्षी सामान्य तौर पर दोनों संभागों में पाया जाता हो। किसी एक पक्षी के राजकीय पक्षी घोषित होने के बाद उसके संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। इसी तरह हंगुल वर्तमान में जम्मू और कश्मीर दोनों संभागों में पाया जा रहा है।
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इसी कश्मीर के साथ किश्तवाड़ के हाई एल्टीट्यूट नेशनल पार्क में मौजूदगी है। जिससे इसे राजकीय पशु बहाल रखा जा सकता है। जम्मू कश्मीर के राजकीय पक्षी के चयन के लिए पिछले दो साल से कसरत चल रही है, लेकिन इसे फाइनल नहीं किया जा सका है। मुख्य वन्य जीव वार्डन सुरेश कुमार गुप्ता का कहना है कि जम्मू कश्मीर के राजकीय पक्षी के लिए सरकार को लिखा गया है, जिसके नाम के जल्द घोषित होने की उम्मीद है।