रनवे विस्तारीकरण के लिए जम्मू एयरपोर्ट को छह मार्च से 15 दिनों के लिए 20 मार्च तक पूरी तरह बंद रखने का फैसला वापस ले लिया गया है। अब 10 मार्च से 19 अप्रैल तक रोजाना सिर्फ सात घंटे (सुबह छह से दोपहर एक बजे तक) विमानों की आवाजाही हो सकेगी। रनवे के विस्तारीकरण का काम होने के बाद उड़ानें पुन: सामान्य रूप से चलने लगेंगी। यह फैसला भारतीय वायु सेना और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बीच हुई बैठक के बाद किया गया।
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जम्मू विमानपत्तन
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रक्षा विभाग के अधीन चल रहे जम्मू एयरपोर्ट के रवने विस्तारीकरण के लिए वायु सेना ने जम्मू एयरपोर्ट प्रबंधन को 5 से 20 मार्च की अवधि के लिए एयरपोर्ट बंद रखने को कहा था। इसके बाद एयरपोर्ट प्रबंधन ने नागरिक उड्डयन विभाग और एलजी प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी।
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जम्मू विमानपत्तन
- फोटो : अमर उजाला
जम्मू एयरपोर्ट निदेशक प्रभात रंजन ब्यूरिया ने लिखे पत्र में बताया था कि 15 दिन तक एयरपोर्ट बंद रहने से एयरपोर्ट अथॉरिटी को पांच करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। इसके अलावा श्री माता वैष्णो देवी के भक्तों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा और यात्रा पर असर पड़ेगा। मौसम खराब होने के दौरान कश्मीर से जुड़े यात्रियों के लिए जम्मू एयरपोर्ट से हवाई यात्रा ही एकमात्र विकल्प है।
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जम्मू एयरपोर्ट
- फोटो : पीटीआई
जन सुविधा और वित्तीय पहलू को देखते हुए उड़ानों के परिचालन को रोकने के बजाय रात के समय निर्माण कराया जा सकता है। इसके बाद 18 फरवरी को नई दिल्ली में रक्षा सचिव की अध्यक्षता में बैठक हुई जिसमें कहा गया कि पूरी तरह एयरपोर्ट को बंद रखने से आम लोगों को परेशानी होने के साथ केंद्र शासित प्रदेश का पूरे देश से हवाई मार्ग से संपर्क कट जाएगा। इसके बाद फैसला लिया गया कि एयरपोर्ट को पूरी तरह बंद न करके परिचालन अवधि को कम किया जाए, ताकि निर्माण कार्य के साथ-साथ उड़ानों का परिचालन नियमित रूप से हो सके।
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mata vaishno devi katra jammu kashmir
- फोटो : अमर उजाला
प्रतिदिन 32 उड़ानें
जम्मू हवाई अड्डे से प्रतिदिन 32 व्यावसायकि विमानों की आवाजाही होती है। इसमें बड़ी संख्या माता वैष्णो देवी के दर्शनार्थियों की है।