जम्मू हवाई अड्डा परिसर(एयरफोर्स के टेक्निकल एरिया) में रविवार (27 जून) रात हुए ड्रोन हमले की जांच के लिए एनआईए की टीम जम्मू पहुंच चुकी है। गृह मंत्रालय ने एनआईए को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। इस हमले में हवाई प्रतिष्ठान के तकनीकी क्षेत्र में एक इमारत की छत को नुकसान पहुंचा था। साथ ही वायुसेना के दो कर्मी मामूली रूप से घायल हुए थे। इसके साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की एक विशेष बम निरोधक टीम वायु सेना स्टेशन पर विस्फोट की प्रकृति की जांच कर रही है। विस्फोट में आरडीएक्स या टीएनटी का इस्तेमाल होने की संभावना है। ड्रोन को सीमा पार से नियंत्रित किया गया था। स्थानीय हैंडलर की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
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जम्मू ड्रोन हमला मामला: एयरफोर्स स्टेशन पहुंची एनआईए की टीम, गृह मंत्रालय ने सौंपी है जांच की जिम्मेदारी
Tue, 29 Jun 2021 10:30 AM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Tue, 29 Jun 2021 10:30 AM IST
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जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पहुंची एनआईए की टीम
- फोटो : अमर उजाला
जम्मू हवाई अड्डा परिसर में ड्रोन हमले से संबंधित तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
हमले के बाद उधमपुर समेत सभी एयरफोर्स स्टेशनों की सुरक्षा बढ़ा दी गई। पूरे प्रदेश में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। ड्रोन में आईईडी फिट करके इसे रिमोट से ऑपरेट कर हमले किए गए। धमाके कम तीव्रता और क्षमता वाले थे। हालांकि, हमले में इस्तेमाल किए गए ड्रोन का अभी तक पता नहीं लगा है। यूएपीए के तहत मुकदमा कायम कर लिया गया है।
जम्मू हवाई अड्डा परिसर में ड्रोन हमले से संबंधित तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
बॉर्डर से 10 किलोमीटर दूर है एयरपोर्ट
जम्मू का एयरपोर्ट और एयरफोर्स स्टेशन भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 10 किलोमीटर दूर है। सबसे नजदीक मकवाल बॉर्डर लगता है। लेकिन सेना का मानना है कि बॉर्डर से इतनी दूर तक ड्रोन का आना संभव नहीं। संभवत: इसे एयरफोर्स स्टेशन के आसपास से ऑपरेट किया गया हो।जम्मू-कश्मीर के डीजीपी ने हमले में पेलोड के साथ ड्रोन के इस्तेमाल की बात कही थी। साथ ही कहा था कि ड्रोन के जरिये विस्फोटक सामग्री गिराई गई।
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जम्मू हवाई अड्डा परिसर में ड्रोन हमले से संबंधित तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों का कहना है कि एयरफोर्स स्टेशन पर हमला करने में इस्तेमाल ड्रोन शहर के बेलीचराना क्षेत्र से ऑपरेट किए गए। इस इलाके में कई जगहों पर दबिश देकर पूछताछ की जा रही है, क्योंकि ड्रोन के बॉर्डर से आने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही।
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जम्मू हवाई अड्डा परिसर में ड्रोन हमले से संबंधित तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
एक तरफ से बॉर्डर 10 और दूसरी तरफ से 16 किलोमीटर दूर है। लिहाजा ड्रोन का इस्तेमाल एयरफोर्स के आसपास से किया गया है। एयरफोर्स के पास सबसे संदिग्ध क्षेत्र बेलीचराना ही है, जिसके साथ तवी नदी भी लगती है।