फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

सर्जिकल स्ट्राइकः हर कमांडो के कंधों पर था 25 किलो गोला-बारूद, ऐसे हुए थे दुश्मन नेस्तनाबूत

Sun, 29 Sep 2019 02:42 AM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Pranjal Dixit Updated Sun, 29 Sep 2019 02:42 AM IST
विज्ञापन
Indian Army Surgical Strike Operation Commando, photos of surgical strike
भारतीय सेना
29 सितंबर 2016 को पीओके में 2 से 4 किलोमीटर तक घुसकर दुश्मनों को मौत की नींद सुलाने वाला सर्जिकल स्ट्राइक ऑपरेशन भारतीय कमांडो के लिए काफी कठिन था। सेना के पैरा कमांडो के शूरवीर इस पूरे ऑपरेशन में अपने कंधों पर करीब 40 किलो का भार लादे हुए थे। जिसमें 25 किलो गोलाबारूद था और 15 किलो जवान के लिए जरूरी सामान था।
Indian Army Surgical Strike Operation Commando, photos of surgical strike
भारतीय सेना
ऑपरेशन पूरा करने के लिए 72 घंटे का वक्त था और हर कमांडो को अलॉट गोलाबारूद से ही सेट किए गए दुश्मन के 8 टारगेट को नेस्तनाबूत करना था। इस ऑपरेशन से जुड़े एक आला अफसर ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि ऑपरेशन में परिस्थितियां बहुत खतरनाक थीं, लेकिन भारतीय जवानों की तैयारियां इतनी जबरदस्त थीं कि ऑपरेशन पूरा करने के बाद 5 घंटे तक दुश्मन की ओर से लगातार चली फायरिंग का जवाब देते हुए ऑपरेशनल टीम के सभी सदस्य सकुशल वापस लौटे थे।

 
Indian Army Surgical Strike Operation Commando, photos of surgical strike
भारतीय सेना
लौटते हुए भी पांच आतंकियों को किया ढेर
ऑपरेशन खत्म कर वापस लौटते हुए जबरदस्त फायरिंग चल रही थी। एक टारगेट पर पाकिस्तानी चौकी के पास ये आतंकी मौजूद थे। तभी जवानों की उनसे मुठभेड़ हो गई और भारतीय कमांडो ने इन आतंकियों को भी ढेर कर दिया। एक आला सैन्य अफसर ने बताया कि पाकिस्तान हमेशा दावा करता है कि वे आतंकी नहीं पालता, लेकिन इस ऑपरेशन में पाकिस्तानी फौज की चौकी पर मिले आतंकियों ने पाक के झूठ की पोल खोलकर रख दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Indian Army Surgical Strike Operation Commando, photos of surgical strike
भारतीय सेना
जमीन और आसमान से रखी जा रही थी नजर
सर्जिकल स्ट्राइक से पहले वैसे तो पूरी रेकी की जा चुकी थी। जिस दिन उरी हमला हुआ, उसी दिन आला सैन्य अफसरों द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक का फैसला भी ले लिया गया था। लेकिन हमले के दौरान जमीन और आसमान से निगरानी रखने का भी पूरा इंतजाम किया गया। कमांडो की कैप पर जहां माइक्रो कैमरे लगाए गए थे, वहीं आसमान से निगरानी अनमैंड एरियल व्हीकल उपकरण से हो रही थी। कैसे-कैसे टारगेट को उड़ाया गया, ये उपकरण ऑपरेशन की पूरी निगरानी कर रहा था।
विज्ञापन
Indian Army Surgical Strike Operation Commando, photos of surgical strike
भारतीय सेना
गजब थी कमांडो की डाइट प्लानिंग
इस ऑपरेशन से जुड़े सैन्य अफसर ने बताया कि दुश्मन से लड़ने की रणनीति में कमांडो की डाइट प्लानिंग भी गजब थी, 72 घंटे में कई घंटे खासकर हमला करने से पहले भूखे रहना था। डाइट में सॉलिड फूड कम, लिक्विड ज्यादा था। हाई कैलोरी डाइट इस तरह थी कि कमांडो की कैलोरी भी पूरी हो जाए और नींद भी दूर रहे। ऑपरेशन की डाइट पैकिंग में प्लास्टिक रैफर व प्लास्टिक बोतल का इस्तेमाल बैन था, ताकि प्लास्टिक रैपर और प्लास्टिक बोतल खोलते वक्त किसी प्रकार की तनिक भी आवाज न हो।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed