भारत का ये हाइड्रो पावर होगा इंजीनियरिंग का अजूबा
हिमालय के पहाड़ों का सीना चीरकर तैयार की जा रही किशनगंगा पनबिजली परियोजना इंजीनियरिंग की अजब मिसाल बनने जा रही है।
भारत का ये हाइड्रो पावर होगा इंजीनियरिंग का अजूबा
विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद इंजीनियरिंग के क्षेत्र में परियोजना के नाम सबसे लंबी सुरंग और बिजली निर्माण के लिए बनाए जाने वाले दबाव कुएं (प्रेशर शाफ्ट) की सबसे ज्यादा गहराई के रिकार्ड दर्ज होंगे।
भारत का ये हाइड्रो पावर होगा इंजीनियरिंग का अजूबा
नेशनल हाइड्रो इलेक्ट्रिक पॉवर कारपोरेशन द्वारा विकसित की जा रही परियोजना की क्षमता 330 मेगावाट है, जिसमें झेलम की सहायक नदी किशनगंगा का पानी इस्तेमाल में लाया जाएगा।
भारत का ये हाइड्रो पावर होगा इंजीनियरिंग का अजूबा
एनएचपीसी के सूत्रों के अनुसार कई चुनौतियों का सामना करने के बाद आखिरकार परियोजना इस साल के अंत तक पूरी होने जा रही है। इस परियोजना में बन रही टनल को भारत ने एक महीने में 812 मीटर लंबी टनल बनाने का रिकार्ड बनाया है। एशिया में यह कारनामा करने वाला भारत एक मात्र देश है।
भारत का ये हाइड्रो पावर होगा इंजीनियरिंग का अजूबा
इसमें झेलम की सहायक नदी किशनगंगा का पानी 24 किलोमीटर लंबी सुरंग से प्रोजेक्ट स्थल तक पहुंचाया जाना है। भूविज्ञान सहित तकनीकी और मौसमी चुनौतियों के लिहाज से परियोजना को अंजाम तक पहुंचाने का अब तक का सिलसिला बेहद जटिल रहा।