उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में बकरीद के मौके पर आईईडी हमले की साजिश को सुरक्षाबलों ने नाकाम करते हुए हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। सुरक्षाबलों ने एक महिला और चार आतंकियों को गिरफ्तार कर इनके कब्जे से आईईडी में इस्तेमाल होने वाली विस्फोटक सामग्री, मल्टी ग्रेनेड लांचर और 40 एमएम के तीन ग्रेनेड भी बरामद किए गए हैं। आंतकी मॉड्यूल का नेतृत्व बारामुला निवासी महिला कर रही थी। तीन अन्य आतंकी अनंतनाग और बडगाम के हैं। सभी को तीन अलग-अलग ऑपरेशन में पकड़ा गया है।
कुपवाड़ा को दहलाने की साजिश नाकाम, मिला वो घातक हथियार जिसका उपयोग करते हैं पैराकमांडो
खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली थी कि आतंकी कुपवाड़ा में आईईडी हमले की साजिश रच रहे हैं। इसे एक महिला की निगरानी में अंजाम दिया जाएगा। बडगाम के तीन युवक भी इस साजिश में शामिल हैं। इस जानकारी पर सुरक्षाबलों ने 21 जुलाई को बडगाम जिले में हिजबुल के दो ओजीडब्ल्यू साहिल बशीर और अतहर यूसुफ को भारी मात्रा में हथिायर और विस्फोटक सामग्री के साथ गिरफ्तार किया। इनसे आईईडी बनाने के सामग्री के अलावा 40 एसएम के तीन एमजीएल ग्रेनेड भी बरामद किए गए हैं।
इनसे पूछताछ के बाद सुरक्षाबलों ने अनंतनाग जिले के कोकरनाग से 22 जुलाई को तीसरे युवक को गिरफ्तार किया। उसके पास से संदिग्ध सामग्री बरामद हुई। जेआईसी कुपवाड़ा में पूछताछ के दौरान उसने बताया कि इस मॉड्यूल को बारामुला की एक महिला पाकिस्तान में बैठे आकाओं के इशारों पर चला रही है।
पकड़े गए आतंकियों से पूछताछ के आधार पर 23 जुलाई को बारामुला से महिला को भी गिरफ्तार कर लिया गया। उससे भी आपत्तिजनक सामग्री मिली है। फिलहाल सभी से पूछताछ चल रही है। कई अन्य अहम सुराग हाथ लगने की संभावना है।
एमजीएल (मल्टी ग्रेनेड लांचर) इतना हल्का होता है कि उसे पिट्ठू बैग में भी ले जाया जा सकता है। भारत में सिर्फ पैराकमांडो एनएसजी के दस्ते इसका उपयोग करते हैं। दूरबीन युक्त लांचर में एक साथ छह ग्रेनेड लोड हो सकते हैं और तीन सेकेंड में दागे जा सकते हैं।
यह भी पढ़ें- श्रीनगरः सुरक्षाबलों ने ऐसे किया आतंकियों का अंत, ग्राउंड जीरो की तस्वीरों में देखें जवानों को जोश