2 मई 2020 को कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में कर्नल आशुतोष शर्मा और एक मेजर समेत पांच सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे। हंदवाड़ा के चंजी मोहल्ला इलाके में हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी भी मारे गए थे। इस ऑपरेशन में सेना की 21 आरआर, सीआरपीएफ और एसओजी की संयुक्त टीम शामिल थी।
शहीदों को सलाम: कर्नल का फोन उठाकर आतंकी बोला था- अस्सलाम वालेकुम..., उस दिन रो पड़ा था देश
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सेना की संयुक्त टीम ने इलाके में आतंकियों की मौजूदी की सूचना पर तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान आतंकी एक घर में मौजूद थे और उस घर में रहने वाले लोगों को बंधक भी बना रखा था। शाम करीब 3 बजकर 30 मिनट पर कर्नल शर्मा के नेतृत्व में एक टीम ने घर में घुसकर बंधक बनाए गए लोगों को बचाने में सफलता पाई। हालांकि इस दौरान आतंकियों की ओर से लगातार फायरिंग हो रही थी।
जवानों के उस घर से निकलते समय आतंकियों ने उनको फिर से निशाना बनाना शुरू किया। जवानों की ओर से भी जवाबी कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान जवानों का उनकी टीम से संपर्क टूट गया। कई प्रयासों के बावजूद टीम के साथ संपर्क स्थापित नहीं हो सका। इसी दौरान कर्नल आशुतोष शर्मा के फोन पर कॉल की गई। जिसे एक आतंकी ने उठाया और बोला अस्सलाम वालेकुम। इसके बाद विशेष सुरक्षाबलों को ऑपरेशन में शामिल किया गया।
चूंकि कर्नल आशुतोष शर्मा के नेतृत्व वाली टीम अंदर थी। साथ ही संपर्क भी नहीं हो पा रहा था। इसलिए सुरक्षाबलों ने अत्यधिक सावधानी बरती ताकि उन्हें नुकसान न पहुंचे। लेकिन आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच रुक-रुककर गोलाबारी होती रही। बारिश और अंधेरे के कारण ऑपरेशन को कुछ समय के लिए रोक दिया गया। इसी दौरान भागने की कोशिश कर रहे दो आतंकियों को सेना ने मार गिराया।
इस ऑपरेशन में सीओ 21-आरआर कर्नल आशुतोष शर्मा, मेजर अनुज सूद, पुलिस सब इंस्पेक्टर शकील काजी, एक लांस नायक और एक राइफलमैन सहित मूल टीम के सभी पांच सदस्य शहीद हो गए।