इस बार खेतों में बासमती की नई किस्में 118, 123 और 138 भी उगाई जाएंगी। इसके लिए केंद्र सरकार और उपराज्यपाल शासन की ओर से अनुमति दी जा चुकी है। कृषि विभाग की ओर से इन किस्मों की बिजाई के लिए जल्द ही किसानों को बीज मुहैया करवाए जाएंगे। स्कास्ट-जम्मू में किए गए शोध में पाया गया कि बासमती की नई किस्मों की पैदावार एक हेक्टेयर में 45 से 50 क्विंटल के आसपास है। जबकि मौजूदा समय में बीजी जा रही बासमती 370 की पैदावार 20 से 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर ही है।
Jammu Kashmir: '370' पर भारी पड़ेंगी बासमती की नई किस्में 118-123 और 138, कृषि विभाग ने लिया ये फैसला
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दूसरी किस्मों की पैदावार ज्यादा होने से किसानों की आय में दोगुना इजाफा होगा। बीज मुहैया करवाने के लिए स्कास्ट जे की ओर से कृषि विभाग के स्टोरों में बीज उपलब्ध करवाया जाएगा। किसान सीधे स्कास्ट-जे से भी संपर्क कर सकते हैं। इस संबंध में विभाग की ओर से बैठक भी की गई थी, इसमें नई किस्मों को उगाने पर सहमति बनी थी। किसानों को बीज लेने के लिए जागरूक किया जाएगा। इसके लिए पंचायत स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे।
नई किस्म की बासमती खाने में काफी स्वादिष्ट है। साथ ही सुंगधित भी है। शोध करने के बाद स्कास्ट-जे के वैज्ञानिकों ने भी अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि बासमती सुंगधित और स्वादिष्ट है।
जम्मू संभाग के जम्मू, सांबा और कठुआ जिले में सबसे ज्यादा बासमती की पैदावार होती है। बासमती को देश और विदेशों में भी भेजा जाता है। नई किस्म की बासमती की पैदावार से किसानों की मेहनत रंग लाएगी। पैदावार के बाद किसानों को बाजार भी उपलब्ध करवाए जाएंगे।
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नई किस्म की बासमती को हरी झंडी मिल चुकी है। इस बार इनकी पैदावार होगी। स्कास्ट-जे के स्टोर या फिर कृषि विभाग के स्टोर पर इसका बीज उपलब्ध होगा। इस पर शोध किया गया है। पैदावार में दोगुना इजाफा होगा। -जेपी शर्मा, शोध निदेशक, स्कास्ट जम्मू