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Indo-Pak: पाक का हर हमला त्रिस्तरीय डिफेंस सिस्टम से नाकाम, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से सिखाया सबक
Sat, 10 May 2025 11:59 AM IST
शाहरुख खान
अजय मीनिया, अमर उजाला, जम्मू
अजय मीनिया, अमर उजाला, जम्मू
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 10 May 2025 11:59 AM IST
सार
पाकिस्तान के हर हमले को त्रिस्तरीय डिफेंस सिस्टम से नाकाम किया गया है। भारतीय सेना ने एल 70 रडार कंट्रोल वेपन, जेडयू 23 मिलीमीटर एयर डिफेंस गन और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (एसएएम) सिस्टम से सबक सिखाया गया है।
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एल 70 रडार कंट्रोल वेपन
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर में सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, मगर भारतीय सेना के त्रिस्तरीय मजबूत डिफेंस सिस्टम ने उसे नाकाम कर दिया। सेना ने जम्मू और उधमपुर से पाकिस्तान की ओर से दागी गई तमाम मिसाइलों, ड्रोन को हवा में ही तबाह कर दिया।
एल 70 रडार कंट्रोल वेपन सिस्टम, जेडयू 23 मिलीमीटर एयर डिफेंस गन, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों (एसएएम) से ये हमले नाकाम किए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि एल 70 रडार वेपन सिस्टम हाई रेट एकुरेट फायर करने वाला सिस्टम है।
एल-70 एक 40 मिमी गन को रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर और ऑटो-ट्रैकिंग सिस्टम के साथ अपग्रेड किया गया है। यह गन चार किमी तक प्रति मिनट 240-330 राउंड फायर कर सकती है। यह रडार को चकमा देने वाले ड्रोन झुंडों के खिलाफ फ्रंटलाइन रक्षा स्तंभ भी है।
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वहीं, वेडयू 23 मिलीमीटर एयर डिफेंस गन तुरंत कार्रवाई करती है। जेडयू-23 में दो 2ए14 ऑटोकेनन लगे हैं। प्रत्येक 2ए14 को 50 राउंड बेल्ट के जरिये चलाया जाता है। ये 2.5 किलोमीटर तक फायर करता है।
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एल 70 रडार कंट्रोल वेपन सिस्टम, जेडयू 23 मिलीमीटर एयर डिफेंस गन, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों (एसएएम) से ये हमले नाकाम किए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि एल 70 रडार वेपन सिस्टम हाई रेट एकुरेट फायर करने वाला सिस्टम है।
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एल-70 एक 40 मिमी गन को रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर और ऑटो-ट्रैकिंग सिस्टम के साथ अपग्रेड किया गया है। यह गन चार किमी तक प्रति मिनट 240-330 राउंड फायर कर सकती है। यह रडार को चकमा देने वाले ड्रोन झुंडों के खिलाफ फ्रंटलाइन रक्षा स्तंभ भी है।
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वहीं, वेडयू 23 मिलीमीटर एयर डिफेंस गन तुरंत कार्रवाई करती है। जेडयू-23 में दो 2ए14 ऑटोकेनन लगे हैं। प्रत्येक 2ए14 को 50 राउंड बेल्ट के जरिये चलाया जाता है। ये 2.5 किलोमीटर तक फायर करता है।
पाकिस्तान के सभी हमलों की नाकाम किया गया
वहीं, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें (एसएएम) सिस्टम भी इस्तेमाल किया गया है। तीनों सिस्टम की जम्मू और उधमपुर सेक्टर में तैनाती की गई है, जिससे पाकिस्तान के सभी हमलों की नाकाम किया गया है। सूत्रों का कहना है कि इन तीनों डिफेंस सिस्टम में और भी अधिक ताकत से जवाब देने की कई खूबियां हैं।
वहीं, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें (एसएएम) सिस्टम भी इस्तेमाल किया गया है। तीनों सिस्टम की जम्मू और उधमपुर सेक्टर में तैनाती की गई है, जिससे पाकिस्तान के सभी हमलों की नाकाम किया गया है। सूत्रों का कहना है कि इन तीनों डिफेंस सिस्टम में और भी अधिक ताकत से जवाब देने की कई खूबियां हैं।
मकवाल बॉर्डर के नजदीक पाकिस्तानी गांव से भेजे ड्रोन
भारतीय सेना के पूर्व बिग्रेडियर का कहना है कि पाकिस्तान का यह हमला हमास की तरह था, जिसमें ड्रोन के झुंड भेजे गए। ये ड्रोन इतनी दूर तक नहीं जाते हैं। इसलिए संभव है कि पाकिस्तान ने इंटरनेशनल बॉर्डर के नजदीक अपने किसी गांव से इन्हें संचालित किया है, क्योंकि जम्मू में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का प्रयास था। इसलिए इन्हें मकवाल बॉर्डर के नजदीक गांव से भेजा गया है।
भारतीय सेना के पूर्व बिग्रेडियर का कहना है कि पाकिस्तान का यह हमला हमास की तरह था, जिसमें ड्रोन के झुंड भेजे गए। ये ड्रोन इतनी दूर तक नहीं जाते हैं। इसलिए संभव है कि पाकिस्तान ने इंटरनेशनल बॉर्डर के नजदीक अपने किसी गांव से इन्हें संचालित किया है, क्योंकि जम्मू में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का प्रयास था। इसलिए इन्हें मकवाल बॉर्डर के नजदीक गांव से भेजा गया है।
2021 में वायुसेना स्टेशन पर हुआ हमला भी मकवाल से ही हुआ था
बता दें कि जून 2021 में जम्मू में वायुसेना स्टेशन पर पाकिस्तान ने ड्रोन से हमला किया था। इस हमले में इस्तेमाल किए गए ड्रोन भी मकवाल बॉर्डर से तवी नदी से होते हुए पीर बाबा की तरफ से घुसे थे। हमला करने के बाद इसी रास्ते से ये वापस चले गए थे। मकवाल ही एक मात्र ऐसा बॉर्डर है, जहां से जम्मू शहर सबसे नजदीक है।
बता दें कि जून 2021 में जम्मू में वायुसेना स्टेशन पर पाकिस्तान ने ड्रोन से हमला किया था। इस हमले में इस्तेमाल किए गए ड्रोन भी मकवाल बॉर्डर से तवी नदी से होते हुए पीर बाबा की तरफ से घुसे थे। हमला करने के बाद इसी रास्ते से ये वापस चले गए थे। मकवाल ही एक मात्र ऐसा बॉर्डर है, जहां से जम्मू शहर सबसे नजदीक है।
पाकिस्तान शांति नहीं चाहता है। जम्मू पर फिर उसने हमला किया है। धमाके की आवाजें आई है। पाकिस्तान को हमारी सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है। हमारा एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह काम कर रहा है। ड्रोन से हमले किए जा रहे हैं। -एसपी वैद, पूर्व डीजीपी जम्मू-कश्मीर