कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमितों की संख्या में तेजी से हो रही बढ़ोतरी में प्रत्येक नागरिक के लिए आवश्यक है कि वह अपने परिवार व देश हित में बिना कारण घर से नहीं निकले। कोरोना एसओपी का पालन करें। अस्पतालों में भी आपात स्थिति में ही लोगों को जाना चाहिए। छोटी-मोटी चोट लग जाए तो अस्पतालों में जाने के बजाए घर पर ही फर्स्ट एड ले लेनी चाहिए।
डॉक्टर की सलाह: कोरोना काल में अगर चोट लग जाए तो अस्पताल न जाएं, बल्कि ये काम करें
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर विनोद खजूरिया के अनुसार कोविड समर्पित अस्पताल हों या गैर कोविड अस्पताल, अगर लोग ज्यादा संख्या में अस्पतालों में जाएंगे तो कोविड संक्रमण का खतरा रहेगा। इससे परेशानी बढ़ेगी और हालात सुधरने के बजाए और खराब होंगे। फर्स्ट एड में घर में बिटाडीन जरूर रखें।
अगर किसी को चोट लग जाए तो बीटाडीन लगा दें। इससे आराम मिल जाएगा और इंफेक्शन का खतरा भी नहीं रहेगा। इसी तरह बुखार होने पर पेरासिटामोल आदि दवाइयां घर में होनी चाहिए। डॉ. विनोद खजूरिया के अनुसार हड्डी रोग के मरीजों को छड़ी का सहारा लेना चाहिए। वह गिर न जाएं, इसके लिए सावधानी पूर्वक चलना चाहिए।
कोविड में हड्डी रोग के मरीजों को सर्जरी प्रक्रिया के बजाय प्लास्टर करवाना चाहिए। जरूरत पड़ने पर ही सर्जरी करवानी चाहिए। प्लास्टर खुलवाने के लिए अस्पतालों में चक्कर काटने के बजाए थोड़े दिन इंतजार करना चाहिए। इससे कोई नुकसान नहीं होता। अस्पतालों में जाने के बजाए ऑनलाइन माध्यम से डॉक्टर से परामर्श लेकर घर पर रहने में भलाई है।
- बिना जरूरी कारण अस्पतालों में न जाएं
- हड्डी रोग के मरीज डॉक्टर की सलाह को अनसुना न करें
- संतुलित आहार लें
- मानसिक तनाव को हावी न करें