कोरोना वायरस ने पर्यटकों के कदम भी रोक दिए हैं। पर्यटन स्थलों से रौनक गायब हो गई है। घरेलू और देश विदेश के पर्यटकों की भीड़ नहीं पहुंच रही है। मार्च की परीक्षाओं के बाद भी जम्मू कश्मीर के पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के कम पहुंचने की आशंका है। कोरोना वायरस की दहशत के चलते अधिकतर पर्यटक घरों में ही रहना बेहतर समझ रहे हैं। पर्यटकों की आमद घटने से पर्यटन क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
कोरोना वायरस ने रोके पर्यटकों के कदम, जम्मू-कश्मीर में पर्यटन स्थलों से रौनक गायब
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इस साल जनवरी से लेकर फरवरी के मध्य तक सामान्य रूप से पर्यटक पहुंच रहे थे, लेकिन फरवरी के मध्य के बाद पर्यटकों की संख्या में गिरावट आनी शुरू हो गई। देश के विभिन्न हिस्सों में कोरोना वायरस की दस्तक से मौजूदा मार्च में पर्यटन क्षेत्र ज्यादा प्रभावित हुआ है। पिछले पंद्रह दिन से धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भीड़ गायब है।
वहीं बर्फबारी का मजा लेने के लिए पहले की तरह पर्यटक नहीं पहुंच रहे हैं। मार्च के मध्य तक अधिकतर परीक्षाएं संपन्न हो जाती हैं, जिससे बड़ी संख्या में पर्यटक जम्मू कश्मीर का रुख करते थे। लेकिन इस बार ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है। देश में कोरोना वायरस के पॉजिटिव और संदिग्ध मामलों के बढ़ने से धीरे-धीरे पर्यटकों की भीड़ और कम हो रही है।
| स्थान | जनवरी 2020 में पर्यटकों की संख्या | फरवरी 2020 में पर्यटकों की संख्या |
| श्री माता वैष्णो देवी | 512569 | 396683 |
| शिव खोड़ी | 98600 | 286708 |
| पटनीटॉप | 14190 | 14625 |
| सनासर | 0 | 0 |
| मानसर | 40349 | 43200 |
| सुचेतगढ़ आरएस पुरा | 11139 | 13228 |
| सुकराला माता | 18605 | 14800 |
| भद्रवाह | 1067 | 600 |
पर्यटन निदेशक राज कुमार कटोच के अनुसार कोरोना वायरस के चलते जारी एडवाइजरी के तहत पर्यटन विभाग के कई कार्यक्रमों को स्थगित किया गया है। इसमें प्रमुख रूप से मार्च में प्रस्तावित जम्मू उत्सव, रियासी में रिवर राफ्टिंग आदि शामिल हैं। पर्यटकों की संख्या की समीक्षा की जा रही है।