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जम्मू-कश्मीर में कोरोना: किस तरह कोरोना से करें बचाव, जानिए डॉक्टर की सलाह
Sat, 15 May 2021 06:18 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Sat, 15 May 2021 06:18 PM IST
सार
एक की बजाय दो मास्क पहनने होंगे और लोगों से दूरी बनानी होगी। किसी तरह के समारोह, जश्न और सार्वजनिक धार्मिक कार्य कोरोना को ज्यादा बढ़ावा दे रहे हैं।
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जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
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गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज जम्मू के माइक्त्रसेबायोलॉजी के सलाहकार डॉक्टर संदीप डोगरा ने लोगों को आगाह किया है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर पहले से खतरनाक और ज्यादा तेजी से फैलने वाली है। उन्होंने बताया है कि लोगों को अब इस वायरस से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। इसकी तीसरी लहर से मात्र सतर्कता ही बचा सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई इस वायरस से संक्त्रस्मित होता है तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। कोरोना वायरस का असर इस बार शहरों से निकलकर देश के गांवों तक पहुंच गया है। शासन और प्रशासन के लिए यह बात चिंता का सबब बनी हुई है। लोगों को इस वायरस के असर के बारे में बताते हुए डॉक्टर संदीप ने कहा, कोरोना वायरस की दूसरी लहर पहले से ज्यादा खतरनाक है और यह लोगों को तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है। अगर हमने इसकी चेन को नहीं तोड़ा तो इसे और ज्यादा जानलेवा होने से कोई नहीं रोक सकेगा।
कोरोना वायरस वैक्सीन
- फोटो : Coronavirus vaccine
कोरोना के पिछले असर को याद दिलाते हुए डॉक्टर संदीप कहते हैं कि पहली लहर ने बूढ़ों, बीमारों और मध्य आयु वर्ग के लोगों को अपना निशाना बनाया था। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में हर व्यक्ति वर्ग इसकी चपेट में आ रहा है। साथ ही यह वायरस पहले से ज्यादा ताकतवर भी बन रहा है। चिंता का विषय तो यह है कि अब इसकी पहुंच शहरों से निकलकर गांवों तक हो गई है। इसका जिम्मेदार सिर्फ हमारा कोरोना के प्रति लचर रवैया है। हमें यह निश्चय करना होगा कि हम अपनी गलती को फिर से दोहराएंगे नहीं। वायरस अपनी स्वरूप बदल रहा है। साथ ही वह हमारी ही तरह जीने के लिए संघर्ष भी कर रहा है। यह एक युद्ध है जिसे हमें हर कीमत पर जीतना ही होगा।
मास्क
- फोटो : amar ujala
डॉक्टर ने बताया कि इस वायरस से जीतने का सिर्फ एक ही मंत्र है। उन्होंने कहा, लोगों को दोहरी सावधानी बरतने की जरूरत होगी। एक की बजाय दो मास्क पहनने होंगे और लोगों से दूरी बनानी होगी। किसी तरह के समारोह, जश्न और सार्वजनिक धार्मिक कार्य कोरोना को ज्यादा बढ़ावा दे रहे हैं। इसलिए लोगों को इन सबसे बचने की सख्त जरूरत है। सबसे जरूरी काम है वैक्सीन लेना। यह अच्छी बात है कि लोग वैक्सीन ले रहे हैं। जिन्होंने वैक्सीन अब तक नहीं ली है, वे भी इस काम को संपन्न करें। फिलहाल गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को वैक्सीन नहीं लगेगी।
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जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस
- फोटो : बासित जरगर
आजकल रैपिड एंटीजेन टेस्ट और आरटी-पीसीआर को लेकर भी लोग असमंजस में हैं। इन दोनों में अंतर और जरूरत के बारे में बताते हुए डॉक्टर संदीप कहते हैं, रैपिड एंटीजेन टेस्ट से परिणाम जल्ज पता चल जाता है और संक्त्रस्मित व्यक्ति समय रहते खुद को आइसोलेट कर सकता है। इसके बाद आरटी-पीसीआर कराने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा अगर टेस्ट नेगेटिव आता है लेकिन फिर भी कोरोना जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो आरटी-पीसीआर कराना पड़ेगा। अगर टेस्ट पॉजिटिव आता है तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। पिछले साल के आंकड़े बताते हैं कि कोरोना से संक्त्रस्मित हुए 80 से 85 फीसदी लोग इस बीमारी के आंशिक रूप से शिकार हुए थे। कुछ मरीजों में तो लक्षण दिखे भी नहीं। ये लोग सिर्फ अच्छे वातावरण में आइसोलेट और कुछ सावधानियां बरतने मात्र से ही ठीक हो गए।
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जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
अपने आप का ख्याल रखने को लेकर डॉक्टर संदीप ने विशेष रूप से कहा कि शरीर के तापमान की नियमित जांच और ऑक्सीजन का स्तर सही बना रहे, यही सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा, लोग अपनी जांच स्वयं करें लेकिन इलाज करने की कोशिश न करें। इलाज का काम सिर्फ चिकित्सक की सलाह और देखरेख में ही करना है। डॉक्टरों की सलाह के लिए सरकार ने भी कुछ टेलीफोनिक सुविधाएं शुरू की हैं। उनका लाभ लिया जा सकता है। लोगों को नियमों का पालन बिल्कुल अपने धर्म की तरह करना है। इस वायरस की तीसरी लहर से खुद को बचाने का यही एक रास्ता है।
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