कोरोना महामारी ने आर्थिक और मानसिक रूप से लोगों का तनाव बढ़ा दिया है। तंग आकर लोग जान तक देने को मजबूर हो रहे हैं। खासकर युवा वर्ग बेरोजगारी और अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। पिछले एक हफ्ते में जम्मू-कश्मीर में 10 लोगों ने खुदकुशी कर ली। इनमें जम्मू जिले में ही 12 जून से 19 जून तक दो महिलाओं समेत 6 ने जहर निगल कर एवं फंदा लगाकर जान दे दी। 15 जून को चिन्नौर में एक महिला ने फंदा लगाया और 12 जून को पलौड़ा में एक व्यक्ति ने जहर निगल लिया था। बेशक खुदकुशी के पीछे कोई और वजह हो सकती है, लेकिन कोरोना महामारी से पैदा हुए तनावपूर्ण माहौल ने लोगों की जिंदगी पर गहरा असर डाला है।
कोरोना ने जिंदगी में भरा तनाव: 10 लोगों ने की खुदकुशी, बेरोजगारी और भविष्य की चिंता बन रही मौत की वजह
बेशक यह बात खुल कर सामने नहीं आती, लेकिन हकीकत यही है कि किसी न किसी तरीके से कोरोना महामारी ने लोगों के जीवन पर असर डाला है।
डॉ. जगदीश थापा का कहना है कि इस तनावपूर्ण माहौल में जितना हो सके अपने दिल की बात को परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ सांझा करें। यदि घर का कोई सदस्य चिड़चिड़ा हो चुका है, तो उससे प्यार से बात करें।
उन्होंने कहा अगर कोई सदस्य चुपचाप रहता है तो उसके साथ बात करने की कोशिश करें। इसी तरीके से उसे तनाव से बाहर निकला जा सकता है। दूसरों को हमेशा हिम्मत दें और उनकी मदद करें।
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