बांदीपोरा के पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष शेख वसीम बारी, उनके पिता बशीर अहमद और छोटे भाई व भाजयुमो के जिला अध्यक्ष उमर बारी की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। दिलदहला देने वाले इस हत्या कांड से जम्मू-कश्मीर में आक्रोश है। कश्मीर घाटी और जम्मू संभाग में भाजपा नेता प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं इस वारदात के बाद भाजपा नेता व उनके परिवार की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका संदेह के दायरे में है।
लश्कर-ए-तैयबा ने कराई वसीम बारी और उनके परिजनों की हत्या, संदेह के घेरे में ये दस पुलिसकर्मी
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पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पूरे परिवार को सुरक्षा के लिए दस पुलिसकर्मी मिले थे। लेकिन वारदात के समय इनमें से एक भी मौके पर नहीं था। इससे आतंकियों को वारदात को अंजाम देने में आसानी हुई। अधिकारी इसे सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक मान रहे हैं।
भाजपा के कश्मीर मीडिया प्रभारी मंजूर भट्ट ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे आतंकियों की कायराना हरकत करार दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसी वारदातों से भाजपा डरने वाली नहीं है।
भाजपा नेता के परिवार की सुरक्षा के लिए दस पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। वारदात के समय इनमें से एक भी मौके पर नहीं था। इससे इनकी भूमिका संदेह के दायरे में है। इन सभी की गिरफ्तारी कर पूछताछ की जाएगी। इस वारदात के पीछे लश्कर-ए-तैयबा का हाथ है।- विजय कुमार, आईजीपी, कश्मीर
बता दें कि कश्मीर घाटी में हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी बुरहान वानी की चौथी बरसी पर आतंकियों ने बुधवार शाम एक जघन्य वारदात को अंजाम दिया। बांदीपोरा के पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष शेख वसीम बारी, उनके पिता बशीर अहमद और छोटे भाई व भाजयुमो के जिला अध्यक्ष उमर बारी की घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आतंकी फरार हो गए। सुरक्षाबलों ने इलाके को सील कर दिया है। हमलावरों की तलाश तेज कर दी गई है।