जम्मू-कश्मीर में बुधवार की रात को मौसम ने करवट ली। देर रात हुई बर्फबारी और भीषण बारिश से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस दौरान हुए हिमस्खलन की चपेट में आने से सेना के दो पोटरों की मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा कुपवाड़ा में नियंत्रण के पास बने सेना के कैंप के नजदीक हुआ। इस भारी बर्फबारी की वजह से पेड़ गिरने के कारण एक नागरिक की भी मौत हो गई।
हिमस्खलन और बर्फबारी ने मचाई तबाही, दो पोर्टर सहित तीन की मौत, 100 से अधिक पेड़ गिरे
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इस बारिश की वजह से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में 100 से अधिक पेड़ गिरने की सूचना है। इसके साथ ही बिजले के खंभे गिरने से आपूर्ति भी बाधित हुई है। वहीं आज यानी कि गुरुवार को भी बारिश और बर्फबारी जारी है। जम्मू संभाग में कल देर रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है। इससे आम जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है। वहीं घाटी सहित अन्य पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी ने देश भर को अपनी ओर आकर्षित किया है।
ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर सहित पहाड़ों पर भारी बर्फबारी शुरू हो गई है। इससे लोगों को यातायात में दिक्कत भी आ रही है वहीं श्रीनगर में यातायात और टेलीफोन सेवाएं ठप हो गई हैं। वहीं दूसरी तरफ मौसम की पहली बर्फबारी से पर्यटकों में खुशी का माहौल है।
बता दें कि जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म होने की घोषणा के बाद पर्वतीय इलाकों में बुधवार को पहली बार इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई। कश्मीर घाटी के मशहूर पर्यटन स्थल गुलमर्ग के ऊंचाई वाले स्थानों पर लगभग दो फुट बर्फ गिरी, जबकि तंगदूरी इलाके में 1.5 फुट बर्फबारी हुई।
मौसम विभाग ने मंगलवार को केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में 5 से 8 नवंबर के बीच मौसम बिगड़ने और बर्फबारी की आशंका जताई थी। ताजा बर्फबारी व बारिश से मैदान से पहाड़ों तक तापमान में भारी कमी आई है और घाटी पूरी तरह ठंड की चपेट में आ गई है।
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