अनुच्छेद 370 और 35-ए हटने के बाद पंजाब से लाए गए सफाई कर्मचारियों को लंबे अरसे बाद हक मिल गया है। अब इनके बच्चे भी पढ़-लिखकर उच्च पदों पर आवेदन कर सकेंगे। साथ की छात्रवृत्ति लेकर भी पढ़ाई कर मुकाम तक पहुंच सकेंगे। सफाई कर्मियों को इस साल से पदोन्नति का भी अधिकार मिला है। वे अब जम्मू-कश्मीर के नागरिक बन गए हैं। यहां जमीन खरीद और बेच सकते हैं। पंजाब से 1957 में 292 सफाई कर्मचारियों को जम्मू-कश्मीर लाया गया था। इसमें हर समुदाय से कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। पहले इन्हें राज्य का नागरिक नहीं माना जाता था। इस कारण इनके बच्चे भी उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद सफाई का ही काम करते थे। अब अधिकार मिलने से वो भी आगे बढ़ सकेंगे।
अनुच्छेद 370 हटने के बाद कितना बदला जम्मू-कश्मीर? इन्होंने कहा- अब सफाईकर्मी का बेटा भी अफसर बनेगा
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अनुच्छेद 370 हटने से 1957 में लाए गए सफाई कर्मचारियों को उनके अधिकार मिले हैं। यह कदम पहले उठाना चाहिए था। एक साल में काफी बदलाव आया है। कर्मचारियों को पदोन्नति भी मिलेगी। साथ ही राज्य के नागरिक भी बन गए हैं। - सन्नी खोंखर, अध्यक्ष, सफाई कर्मचारी आंदोलन यूनियन
अनुच्छेद 35-ए की जगह पर 35-बी में सफाई कर्मचारियों को रखा गया था। इसमें लिखा था कि सफाई कर्मचारी या उसका वारिस सफाई ही करेगा। उच्च पद पर आसीन नहीं होगा। अब कर्मचारियों को अधिकार मिले हैं। उनके बच्चे उच्च पद हासिल कर सकते हैं। - कश्मीर मसी, सफाई कर्मचारी
नगर निगम में तैनात पंजाब के कर्मचारी की सर्विस बुक में नॉन परमानेंट रेजिडेंस की स्टैंप लगती थी। इस कारण पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाता था। अब नियम बदले हैं। सफाई कर्मचारी भी पदोन्नति हासिल कर सकेंगे। - जॉन सभ्रवाल, सफाई कर्मी
अनुच्छेद 370 हटने के बाद काफी बदलाव हुए हैं। बच्चे अब छात्रवृत्रि लेकर पढ़ाई कर सकेंगे। बच्चों को आगे बढ़ने का मौका मिला है। अब आराम से जीवन बसर कर सकेंगे। - रजाक भट्टी, सफाई कर्मी