लद्दाख में सेना ने गुरुवार को एक अहम युद्धाभ्यास किया। सेना ने लद्दाख में करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई पर अपनी तैयारियों को परखा। जिसमें युद्ध क्षमता को टेस्ट किया। सेना के मुताबिक लद्दाख में लाइव पावर एक्सरसाइज की गई। यह युद्धाभ्यास सेना की फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स की अगुवाई में किया गया। सैन्य प्रवक्ता श्रीनगर की ओर से इस संबंध में ट्वीट कर जानकारी भी दी गई। इसके साथ ही युद्धाभ्यास की तस्वीरें भी जारी की गईं।
15 हजार फीट की ऊंचाई पर सेना का युद्धाभ्यास: लद्दाख में तैयारियों को परखा, देखिए लाइव फायर एक्सरसाइज की तस्वीरें
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लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के पास तैनात भारतीय सेना को हर मोर्चे का सामना करने के लिए हरसंभव संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी के मद्देनजर लद्दाख के नयोमा में फॉरवर्ड बेस पर सेना के जवानों को एसआईजी सॉर 716 असॉल्ट राइफल और स्विस एमपी-9 पिस्टल मुहैया कराई गई है, ताकि चीन से लगे बॉर्डर पर सेना के जवान हर चुनौती का सामना कर सकें।
भारतीय सेना ने आधुनिकीकरण की प्रक्रिया के तहत एसआईजी सॉर 716 असॉल्ट रायफल के पहले बैच को शामिल किया था। इन अत्याधुनिक राइफलों का प्रयोग जम्मू-कश्मीर में आतंकरोधी अभियान में भी किया जाएगा। इस रायफल से भारतीय सेना की मारक क्षमता में वृद्धि होगी। क्योंकि, यह रायफल नजदीक से मार करने (क्लोज कॉम्बेट) और दूर से मार करने वाली रायफलों की श्रेणी की सबसे उन्नत तकनीक से लैस है।
भारत ने चीन सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए 75 हजार रायफलों का ऑर्डर दिया था। 7.62x51 एमएम कैलिबर के इन रायफलों से दुश्मन को 500 मीटर की दूरी से ही ढेर किया जा सकता है।
इसके लिए पिछले साल अक्तूबर में अमेरिकी कंपनी एसआईजी सॉर से 780 करोड़ रुपए का सौदा किया गया था। नए रायफल इंसास राइफल्स की जगह ले रहे हैं, जिसका उत्पादन ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीज बोर्ड की ओर से किया गया था।