प्रदेश के विभिन्न जिलों से होनहार बच्चे वीरवार को अभिभावकों के साथ स्कॉस्ट जम्मू में अमर उजाला के मेधावी सम्मान समारोह में पहुंचे। दसवीं और बारहवीं कक्षा में श्रेष्ठ स्थान प्राप्त करने वाले इन विद्यार्थियों के अभिभावकों के चेहरों पर भी खुशी झलक रही थी। विद्यार्थियों ने बातचीत में बताया कि उन्होंने कई सपने संजोए हैं और इनको साकार करने में माता-पिता की अहम भूमिका है। कोरोना काल में पढ़ाई का स्तर बिल्कुल गिर गया, फिर भी अभिभावकों ने उनसे कड़ी मेहनत करवाई, तभी आज उन्हें यह सम्मान पाने का मौका मिला।
अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान: कोरोना काल में अभिभावकों ने हर मुश्किल को बनाया आसान
विद्यार्थियों ने बातचीत में बताया कि उन्होंने कई सपने संजोए हैं और इनको साकार करने में माता-पिता की अहम भूमिका है।
शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ना मकसद
कठुआ के कारोट गांव से आई छात्रा दिप्ती ने कहा कि उन्होंने 12वीं कक्षा में 99.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। अब वह राजकीय महिला कॉलेज कठुआ में स्नातक पहले सेमेस्टर की पढ़ाई कर रही हैं। शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ना ही जिंदगी का मकसद है। इसी मकसद से कदम आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही हूं। दिप्ती के पिता नसीब सिंह ने कहा कि उन्हें बेटी पर फख्र है। बेटी जिस दिशा में पढ़ाई करना चाहती है। उनकी तरफ से पूरा सहयोग किया जा रहा है। बेटी की कामयाबी के पीछे इस समारोह में शामिल होने का खास मौका मिला है।
आगे भी सर्वोच्च स्थान प्राप्त करूंगी
राजोरी के हिमालय एजुकेशन मिशन स्कूल से 12वीं में 98.6 फीसदी अंक प्राप्त करने वाली आसिया कोसर ने कहा कि पिता दुकानदार हैं। उन्होंने पढ़ाई में मदद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। आने वाले समय में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने का लक्ष्य है। सफलता की सीढ़ी चढ़ते-चढ़ते आगे के रास्तों का पता चल रहा है। मेहनत के सामने हार मायने नहीं रखती।
सम्मान से और अधिक प्रोत्साहन मिला
जम्मू की अंजलि देवी ने कहा कि वह मां परमजीत कौर के साथ सम्मान समारोह में आईं हैं। जब अमर उजाला के मेधावी सम्मान समारोह में सम्मानित होने की सूचना मिली तो बेहद खुशी हुई। उन्होंने कहा कि ऐसा सम्मान छात्रों को और अधिक प्रोत्साहन मिलता है। अमर उजाला ने छात्रों के विकास के लिए उन्हें सम्मानित करने का सराहनीय कदम उठाया है। वह पद्मश्री पद्मा सचदेव महिला कॉलेज गांधीनगर में बीएससी की पढ़ाई कर रही हैं। सभी अभिभावकों को अपनी बेटियों को अच्छी शिक्षा देनी चाहिए।
डॉक्टर बनकर जनसेवा करेंगी प्रियांशी
उधमपुर की प्रियांशी शर्मा ने कहा कि उन्होंने कॉमन पब्लिक स्कूल से दसवीं कक्षा में 96 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। वह नॉन मेडिकल की छात्रा हैं। नीट की परीक्षा पास करने का लक्ष्य है। उसके बाद डॉक्टर बनकर जन सेवाएं करेंगी। इसी दृष्टि से मेहनत की जा रही है। पिता शिक्षक हैं। सफलता के पथ पर चलने में उनका पूरा सहयोग है। प्रियांशी ने कहा, सभी बेटियों को शिक्षा प्राप्त कर समाज में नाम कमाना चाहिए।