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वसीम बारी की हत्या के बाद आतंकियों की एक और साजिश, भाजपा से जुड़े और हमदर्दी रखने वालों को ये धमकी

Sun, 12 Jul 2020 12:04 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Sun, 12 Jul 2020 12:04 PM IST
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After murder of Wasim Bari another conspiracy of terrorists, threat to those associated with BJP
शेख वसीम बारी, बशीर अहमद और उमर बारी की हत्या - फोटो : अमर उजाला

उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा में भाजपा नेता वसीम बारी, उनके भाई और पिता की हत्या के बाद जिले में कुछ जगह पर आतंकी संगठन तहरीक-उल-मुजाहिदीन (टीयूएम) की तरफ से धमकी भरे पोस्टर लगाए गए हैं। बुधवार रात हुए तिहरे हत्याकांड के चौथे दिन सामने आए इन पोस्टरों में लोगों को भाजपा से दूरी बनाने को कहा गया है। हालांकि पुलिस ने पोस्टरों को फर्जी बताते हुए इसकी जांच शुरू कर दी है।

After murder of Wasim Bari another conspiracy of terrorists, threat to those associated with BJP
शेख वसीम बारी, बशीर अहमद और उमर बारी की हत्या - फोटो : बासित जरगर

पोस्टरों पर लिखा है कि जो कोई भी भाजपा में शामिल होगा या इस पार्टी के लिए हमदर्दी रखेगा वह पूरी कौम और कश्मीर का दुश्मन होगा। यह भी लिखा गया है कि भाजपा मुसलमानों की दुश्मन है और उसका उद्देश्य मुसलमानों को खत्म करना है। धमकाया गया कि ऐसे लोग जो भाजपा से जुड़े हुए हैं, वह बाज आ जाएं और माफी मांगें। नहीं तो वह बुरे अंजाम के लिए तैयार रहें।

After murder of Wasim Bari another conspiracy of terrorists, threat to those associated with BJP
शेख वसीम बारी, बशीर अहमद और उमर बारी की हत्या - फोटो : बासित जरगर

यह भी लिखा है कि लोग उन्हें बांदीपोरा जैसे अंजाम को दोहराने पर मजबूर न करें। इन पोस्टरों पर टीयूएम की स्टांप भी लगी है। दूसरी ओर बांदीपोरा के एसएसपी राहुल मलिक ने बताया कि जिले में दो जगह पोस्टर लगे मिले हैं, जो फर्जी हैं। उन्होंने इसके पीछे शरारती तत्वों का हाथ बताया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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After murder of Wasim Bari another conspiracy of terrorists, threat to those associated with BJP
शेख वसीम बारी, बशीर अहमद और उमर बारी की हत्या - फोटो : बासित जरगर
बता दें कि आतंकी तंजीमों के शीर्ष कमांडरों के सफाए और लगातार ध्वस्त हो रहे नेटवर्क से बौखलाए आतंकी नेताओं की हत्याओं करने पर आमादा हो गए हैं। कश्मीर घाटी में आतंकवाद के शुरुआती दिनों से लेकर हाल के वर्षों तक ज्यादातर सियासी हत्याएं चुनावी वर्ष में हुई हैं लेकिन आतंकी वारदातों का ऐसा सिलसिला अब बिना चुनाव के भी तेज हो गया है।
 
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शेख वसीम बारी, बशीर अहमद और उमर बारी की हत्या - फोटो : अमर उजाला

एक महीने में चार हत्याएं हो चुकी हैं। भाजपा के बांदीपोरा जिलाध्यक्ष और उनके दो परिजनों की हत्या से एक माह पूर्व आठ जून को अनंतनाग में कांग्रेस नेता और सरपंच अजय पंडिता की हत्या कर दी गई थी। घाटी में जम्हूरियत की मजबूती में जुटे नेताओं, कार्यकर्ताओं से लेकर पंचायती नुमाइंदों पर पहले भी आतंकी हमले होते रहे हैं। 2011 से अब तक 19 पंचायती नुमाइंदों की हत्या की जा चुकी है। 

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