कोरोना महामारी के दौरान समाज का हर वर्ग जब सरकार की ओर से राहत की आस लगाकर बैठा है, तो वहीं जम्मू संभाग के कठुआ जिले में रसोई गैस सिलेंडर के वितरण में उपभोक्ताओं से अतिरिक्त पैसे की उगाही का क्रम जारी है। वितरकों की इस कालाबाजारी से प्रशासन अनजान है। वितरकों द्वारा उपभोक्ताओं से सिलेंडर की बिक्री करने के नाम पर ठगी का कारोबार जारी है। वहीं नियमों से अनजान उपभोक्ताओं को अपने साथ हो रही ठगी का पता भी नहीं है।
आपदा में उगाही: रसोई गैस सिलेंडर के वितरण में उपभोक्ताओं से छल, जानिए क्या बोले जिम्मेदार
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जिले में रसोई गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं से हर सिलेंडर की बिक्री पर 25 से 30 रुपये अतिरिक्त कमा रहे हैं। यह उनके वितरण कमीशन के अलावा है। यह स्थिति किसी एक कंपनी के वितरण केंद्र की नहीं, बल्कि जिले के सभी केंद्रों का ऐसा ही हाल है। इस पर न तो प्रशासन कोई कार्रवाई कर रहा है और न ही तेल कंपनियां उपभोक्ताओं के साथ होने वाले छल को रोकने के लिए आगे आ रही हैं।
वितरण की इस व्यवस्था पर अगर वितरकों से कोई प्रश्न किया जाता है तो उनका कहना है कि कैश एंड कैरी की व्यवस्था विभाग के गोदाम से होती है। अगर कोई ग्राहक विभाग के गोदाम तक आता है, तो उसे कैश एंड कैरी के हिसाब से रसोई गैस का मूल्य लिया जाता है। जबकि स्थिति यह है कि शहर के वितरकों के गोदाम तो हैं, लेकिन न वहां कोई कर्मचारी और न ही रसोई गैस उपलब्ध कराने की कोई व्यवस्था दिखाई देती है। ऐसे में मजबूर उपभोक्ता को वितरकों द्वारा तय किए गए मूल्य पर रसोई गैस खरीदना मजबूरी बना हुआ है।
उपभोक्ताओं तक रसोई गैस की उपलब्ध कराने के लिए दो तरह की व्यवस्था है जिसमें पहली होम डिलीवरी है। जिससे सभी वाकिफ है। वहीं एक अन्य व्यवस्था का भी प्रावधान है जिसे कैश एंड कैरी का नाम दिया गया है। इन दोनों ही व्यवस्था के लिए सरकार द्वारा अलग-अलग मूल्य निर्धारित किए गए हैं। होम डिलीवरी में घर तक रसोई गैस पहुंचाने का खर्च शामिल होता है। अगर कोई उपभोक्ता खुद से रसोई गैस लेने के लिए वितरक के पास आता है तो उसे गैस पहुंचाने के लिए निर्धारित की गई राशि को काटकर कैश एंड कैरी के माध्यम से गैस उपलब्ध कराई जानी चाहिए। लेकिन उपभोक्ता इससे पूरी तरह से अनजान है। जिसका लगातार फायदा उठाते हुए वितरकों द्वारा उन्हें हर सिलेंडर होम डिलीवरी के मूल्य पर ही दिया जा रहा है।
वितरकों द्वारा की जा रही इस कालाबाजारी से सबसे ज्यादा गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले प्रभावित हो रहे हैं। आपको बता दें कि जिला में केंद्र सरकार की उज्जवला योजना के तहत हजारों गरीब परिवारों को रसोई गैस के कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। इस परिवारों के पास एक मात्र सिलेंडर होने के कारण वह होम डिलीवरी की सुविधा नहीं लेते है। जब भी उनका सिलेंडर खाली होता है तो वह खुद वितरण केंद्र पर आते हैं। वहीं कई गरीब परिवार ऐसे भी हैं जिनके पास जब पैसे होते हैं, तो ही वह सिलेंडर को भरवाने के लिए आते हैं।